जबलपुर के सिविल लाइन स्थित हेड पोस्ट ऑफिस को कोयंबटूर से एक धमकी भरा मेल मिला, जिसमें दोपहर 12:10 बजे ब्लास्ट की चेतावनी दी गई थी। बम स्क्वॉड और पुलिस की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
By: Star News
Mar 25, 20266:37 PM
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सिविल लाइन क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बुधवार दोपहर हेड पोस्ट ऑफिस (HPO) और पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। मेल मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और आनन-फानन में बम स्क्वॉड व डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मोर्चा संभाला।

हेड पोस्ट ऑफिस के अधीक्षक को यह धमकी भरा मेल बुधवार दोपहर करीब 12:10 बजे मिला। मेल में दावा किया गया था कि कुछ ही समय में परिसर में ब्लास्ट होगा, इसलिए पूरी बिल्डिंग को तुरंत खाली कर दिया जाए। सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड निरीक्षक पंकज सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे और करीब एक घंटे तक पार्सल सेक्शन, पासपोर्ट ऑफिस और विभिन्न विभागों की सघन तलाशी ली। हालांकि, जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे 'होक्स कॉल' (फर्जी धमकी) करार दिया।
भेजे गए मेल में राजनीतिक और सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील बातें लिखी गई थीं। मेल के मुख्य अंश...
"मुसलमान के दुश्मनों... हम कोयंबटूर के मुसलमान हैं जिन्हें एक कड़वी सच्चाई का पता चला है। उदयनिधि के चालक परिवार ने हमें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और हमें बचाने के बहाने सजा दी। हमारे जिन नेताओं ने डीएमके का समर्थन किया था, उन्हें उदयनिधि ने UAPA के तहत गिरफ्तार करवा दिया। जब हमने पोल खोलने की कोशिश की तो तमिलनाडु मीडिया ने हमें रोक दिया। हम AIADMK के पास भी गए पर वहां से भी निराशा मिली।"
मेल में आगे लिखा था, "कोयंबटूर में नक्सलियों और पाकिस्तान सेल की मदद से हमारे पास इमारतें उड़ाने के संसाधन हैं। हमें विश्वास था कि आजाद पत्रकार डीएमके सरकार की पोल खोलेंगे, लेकिन सबने निराश किया। अदालतों से भी मदद नहीं मिली। इसलिए हमने अपने बमों का इस्तेमाल करके आज दोपहर 12:10 पर आपके पासपोर्ट और पोस्ट ऑफिस पर हमला किया है। हम सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, लोगों को वहां से हटा लें।
नक्सली ISI DMK जिंदाबाद।"
जांच पूरी होने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली, लेकिन बम स्क्वॉड प्रभारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में आने वाले सभी पार्सलों की जांच मेटल डिटेक्टर से अनिवार्य रूप से की जाए। पुलिस अब इस मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस कर भेजने वाले का पता लगाने में जुट गई है।