जबलपुर में EOW ने नगर निगम के स्थापना बाबू राकेश शर्मा को 3000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। कर्मचारी के मेडिकल वेतन के बदले मांगी थी घूस। पढ़ें पूरी खबर।
By: Ajay Tiwari
Feb 28, 20265:37 PM
जबलपुर । स्टार समाचार वेब
जबलपुर नगर निगम के स्थापना शाखा में पदस्थ एक बाबू (अकाउंटेंट) को ईओडब्ल्यू की टीम ने शनिवार दोपहर सवा दो बजे 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी की पहचान राकेश शर्मा के रूप में हुई है, जिसे ईओडब्ल्यू की टीम कार्रवाई के तुरंत बाद अपनी गाड़ी में बैठाकर दफ्तर ले गई।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरी घटना नगर निगम के ही एक अन्य कर्मचारी पी. रामाराव की शिकायत पर आधारित है। रामाराव का लगभग 25,000 रुपये का एक महीने का मेडिकल वेतन रुका हुआ था। इस वेतन को निकलवाने के बदले स्थापना शाखा के बाबू राकेश शर्मा लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। रामाराव पिछले कई दिनों से ऑफिस के चक्कर काट रहे थे, लेकिन राकेश शर्मा काम करने के बजाय उन्हें टाल रहे थे।
साजिश और गिरफ्तारी:
दो दिन पहले जब दोनों की मुलाकात ऑफिस के बाहर हुई, तो राकेश शर्मा ने स्पष्ट रूप से 3,000 रुपये की मांग की और कहा कि "जब तक पैसे नहीं मिलेंगे, काम नहीं होगा।" परेशान होकर रामाराव ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू से कर दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू ने जाल बिछाया।
शनिवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद आरोपी ने रामाराव को नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर पैसे देने के लिए बुलाया। जैसे ही रामाराव ने रिश्वत की राशि राकेश शर्मा को थमाई, पहले से तैनात ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
पुरानी शिकायतों का भी जिक्र:
शिकायतकर्ता पी. रामाराव ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। इससे पहले भी वे नगर निगम में पदस्थ एक अन्य कर्मचारी मनीष ताड़से के खिलाफ रिश्वतखोरी की शिकायत कर चुके हैं। फिलहाल ईओडब्ल्यू आरोपी राकेश शर्मा से पूछताछ कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।