सतना जिला अस्पताल में देर रात हंगामा, रेफर मरीज को 108 एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों ने जननी एक्सप्रेस के शीशे तोड़े और चालकों से मारपीट की। चालकों ने सुरक्षा की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
By: Star News
Aug 30, 20253:45 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सरदार बल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल इस समय असामाजिक तत्वों का गढ़ बन गया है। एक घटना पर कार्रवाई की जाती है तो रात में फिर दूसरी घटना को अंजाम दे दिया जाता है। विगत दिवस जिला प्रशासन की टीम ने दिन भर अस्पताल के अंदर और बाहर का अतिक्रमण हटाया, मुर्दा वाहनों को भी जब्त किया, उनके अड्डे को भी खाली कराया, लेकिन फिर भी जिला अस्पताल में रात में हंगामा चालू है। गुरुवार की देर रात दो बजे जिला अस्पताल परिसर में खड़ी दो जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस में तोड़फोड़ का मामला सामने आया। बताया गया कि रेफर मरीज को एम्बुलेंस न मिलने पर गुस्साए मरीज के परिजनों द्वारा खड़ी जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस में तोड़फोड़ कर वाहन चालक से बहस भी की गई। इसके बाद जननी एक्सप्रेस वाहन चालकों द्वारा शुक्रवार को सिटी कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कराइ गई।
एंबुलेंस चालकों से हुआ विवाद
मौके पर मौजूद जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस चालक राजेश वर्मा और दीपक सूर्यवंशी ने बताया कि परिजनों ने जबरन उनकी गाड़ी ले जाने का दबाव बनाया, लेकिन हम तैयार नहीं हुए। चालकों ने बताया कि नियम के मुताबिक, 108 एंबुलेंस से ही मरीज को रेफर किया जाता है, जबकि जननी एक्सप्रेस केवल डिलवरी के लिए उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन परिजन नहीं माने। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस चालु हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए परिजनों ने मौके पर अपने परिचितों को विवाद के लिए भी बुलाया लिया। कुछ ही देर बाद दो बाइकों वाहन क्रमांक एमपी 19 जेडए 4590 और एमपी 19 एचएफ 1269 से चार पांच युवक आये और एम्बुलेंस में तोड़फोड़ करने लगे, वहीं कुछ युवकों ने चालकों पर भी हमला बोल दिया। बताया गया कि परिजनों द्वारा बुलाये गए गुंडों ने पत्थर और लाठी से एंबुलेंस के शीशे तोड़ दिए और कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया।
चालकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
एंबुलेंस चालकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न सिर्फ संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि इमरजेंसी सेवाओं में भी बाधा आती है। अगर अस्पताल परिसर में हम सुरक्षित नहीं हैं तो बाहर क्या होगा? बिना सुरक्षा के इस सेवा का सञ्चालन आखिर कैसे होगा? इससे किसी भी मरीज की जान को खतरा हो सकता है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार-शुक्रवार की देर रात 2 बजे की है। स्थानीय मारुति नगर की रहने वाली अर्चना नामदेव पति नन्द किशोर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें रीवा रेफर करने की सलाह दी। बताया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 108 एंबुलेंस कॉल करके बुलाने को कहा, लेकिन मरीज के परिजन अपनी मनमर्जी करने में उतारू रहे। परिजनों ने अस्पताल की एंबुलेंस को अपने हिसाब से ले जाने की जिद पकड़ ली।