मध्य प्रदेश के कटनी में लमतरा बाईपास पर एक निजी बस पलटने से बड़ा हादसा हो गया। ब्रेक फेल होने और चालक की लापरवाही के कारण एक दर्जन यात्री घायल हुए हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
By: Ajay Tiwari
Mar 30, 20263:33 PM
कटनी (मध्य प्रदेश)। स्टार समाचार वेब
जिले के कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत लमतरा फ्लाई ओवर के पास सोमवार सुबह एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी 'गुप्ता बस सर्विस' की एक अनियंत्रित बस अचानक पीछे की ओर लुढ़क कर पलट गई। इस दुर्घटना में करीब एक दर्जन यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बस क्रमांक MP 53 P 0214 कारीतलाई से कटनी की ओर आ रही थी। सुबह लगभग 10 बजे जब बस लमतरा बाईपास फ्लाई ओवर की चढ़ाई चढ़ रही थी, तभी वह बार-बार बंद होने लगी। चालक द्वारा कई प्रयासों के बाद भी जब बस स्टार्ट नहीं हुई, तो उसने और परिचालक (कंडक्टर) ने एक जानलेवा जोखिम मोल लिया। उन्होंने बस में सवार आधे से अधिक यात्रियों को नीचे उतारकर बस को धक्का लगाने के लिए कह दिया।
चढ़ाई पर धक्का लगाते समय बस अचानक अनियंत्रित होकर पीछे की तरफ तेजी से लुढ़कने लगी। चश्मदीदों के मुताबिक, इसी दौरान बस के ब्रेक ने भी काम करना बंद कर दिया। चालक का नियंत्रण खोते ही बस सड़क किनारे जाकर पलट गई। हादसे के वक्त मौके पर कोहराम मच गया और घायल यात्री मदद के लिए गुहार लगाने लगे। स्थानीय राहगीरों और पास में काम कर रहे मजदूरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
घटना की सूचना मिलते ही कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। 108 एंबुलेंस की सहायता से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गंभीर रूप से घायल
रूबी शर्मा (26 वर्ष)
बतसिया बाई (60 वर्ष)
देवेंद्र कुमार शर्मा (66 वर्ष, निवासी कैमोर)
रामकरण खटीक (60 वर्ष, निवासी विजयराघवगढ़)
सोना बाई (40 वर्ष, निवासी पडखुरी)
पुलिस ने बस चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गनीमत यह रही कि धक्का लगाने के लिए 30 यात्रियों को पहले ही उतार दिया गया था, अन्यथा हताहतों की संख्या बहुत अधिक हो सकती थी।
यह हादसा क्षेत्रीय परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर बिना फिटनेस और खराब स्थिति वाली बसें सड़कों पर मौत बनकर क्यों दौड़ रही हैं? स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोडेड और अनफिट वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।