मैहर में 30 बिस्तरीय आयुष अस्पताल की मंजूरी, दो एकड़ जमीन की तलाश जारी। अस्पताल बनने से स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, आयुर्वेद चिकित्सा को मिलेगा बढ़ावा।
By: Yogesh Patel
Mar 22, 20263:48 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना से अलग जिला बनने के बाद मैहर अब तेजी से विकास की पटरी पर दौड़ता नजर आ रहा है। प्रशासनिक सक्रियता और नई योजनाओं के लगातार आगमन के बीच अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य आयुष मिशन की कार्ययोजना 2026-27 के तहत मैहर में 30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालय की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है। भोपाल से जारी निर्देशों के अनुसार इस अस्पताल के लिए करीब 2 एकड़ भूमि चिन्हित कर आवंटन किया जाना है। हालांकि अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो सकी है, लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी तलाश तेज कर दी है। राजस्व और संबंधित विभागों की टीमें संभावित स्थलों का निरीक्षण करेंगी, ताकि जल्द से जल्द उपयुक्त स्थान तय किया जा सके। उल्लेखनीय है कि सतना जिला मुख्यालय में ही एक मात्र जिला आयुर्वेद चिकित्सालय है। अभी मैहर के लोगों को सतना आयुष चिकित्सालय में आकर अपना इलाज कराना पड़ता है। मैहर में आयुष अस्पताल की स्थापना से न सिर्फ शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण अंचलों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेद आधारित चिकित्सा के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह अस्पताल भविष्य में मैहर को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है।
एक हफ्ते में मांगी थी जानकारी, एक पखवाड़े में नहीं दी
5 मार्च को आयुष संचालनालय के उप संचालक डॉ. राजीव मिश्रा ने मैहर कलेक्टर एवं जिला आयुष अधिकारी को पत्र लिखकर 11 मार्च तक भूमि आवांटन से संबंधित जानकारी मांगी थी। लेकिन अभी तक स्थल चयन की प्रक्रि या नहीं हो पाई है। जानकारों के अनुसार भूमि चयन के बाद भवन बनाने के लिए बजट व टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नई बनी गाइड लाइन
आयुष विभाग ने एक नई गाइड लाइन तैयार की है। जिसके तहत 30 एवं 50 बिस्तीय आयुष चिकित्सालय के लिए 2 एकड जमीन अनिवार्य की गई है। वहीं 10 बिस्तरीय चिकित्सालय के लिए 1 एकड जमीन निर्धारित की है, जबकि आयुर्वेद महाविद्यालय के लिए 12 से 15 एकड जमीन। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए चिकित्सालयों के बाहर औषधीय पौधे लगाएं जाएंगे। अभी कई ऐसे चिकित्सालय है जहां जमीन का आभाव होता है, जिससे औषधि पौधों का केवल कागजों में ही प्रचार-प्रसार हो पाता है।
यहां प्रस्तावित नए चिकित्सालय