माइक्रोसॉफ्ट ने AI और सिस्टम के खर्च की भरपाई के लिए 60,000 कर्मचारियों को एक साल तक की सैलरी के साथ वॉलेंटरी एग्जिट का ऑफर दिया है। जानिए भारत और दुनिया भर के कर्मचारियों पर इसका क्या असर होगा।

टेक्नोलॉजी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। कंपनी ने लगभग 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले ग्रेड के हिसाब से एक साल तक की सैलरी एकमुश्त (लंपसम) देने का ऑफर पेश किया है। यह फैसला मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नए सिस्टम तैयार करने में हो रहे भारी-भरकम खर्च की भरपाई के लिए लिया गया है। वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट के पास कुल 2.23 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें से करीब 23 हजार कर्मचारी अकेले भारत में काम कर रहे हैं। यह खास स्कीम भारत के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में लेवल 70 या उससे नीचे के पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए लाई गई है। हालांकि, इनमें से कितने लोगों को यह ऑफर मिलेगा, इसे लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योग्य कर्मचारियों को अगले कुछ घंटों में ईमेल भेज दिया जाएगा और उन्हें इस प्रस्ताव पर 1 दिसंबर तक अपना फैसला लेना होगा।
माइक्रोसॉफ्ट में कर्मचारियों की संख्या में कटौती का यह सिलसिला नया नहीं है। इससे पहले कंपनी ने मई और जुलाई 2025 के दौरान करीब 15 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। इसके बाद जुलाई 2026 में भी कंपनी ने लगभग 4,800 पदों को खत्म कर दिया था। इस तरह इन तीनों बड़े दौर को मिलाकर अब तक करीब 20 हजार नौकरियों पर सीधा असर पड़ चुका है। ताज़ा ऑफर के दायरे की बात करें तो माइक्रोसॉफ्ट में शुरुआती पद लेवल 59 से शुरू होते हैं और लेवल 70 से ऊपर के पद सीनियर श्रेणी में आते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि लेवल 70 से ऊपर के सीनियर पदों पर काम कर रहे लोगों की छंटनी नहीं की जाएगी। इस योजना के दायरे में मुख्य रूप से जूनियर, मिड-लेवल और कुछ खास सीनियर स्तर के कैडर के कर्मचारी आ रहे हैं, जिनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सीनियर इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर और मिड-लेवल मैनेजर्स शामिल हैं।
जो कर्मचारी इस वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं, वे अपनी मौजूदा भूमिकाओं में सामान्य रूप से काम करते रहेंगे या कंपनी उन्हें किसी अन्य प्रोजेक्ट या नई टीम में भी असाइन कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी इस स्वैच्छिक यानी वॉलेंटरी ऑफर के जरिए अपने खर्च घटाने के तय लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाती है, तो आने वाले समय में उसे मजबूरन जबरन छंटनी (Involuntary Layoffs) का कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है। उस स्थिति में यदि किसी कर्मचारी की नौकरी जाती है, तो उन्हें इस वॉलेंटरी एग्जिट जितना आकर्षक और बेहतर फाइनेंशियल पैकेज मिलने की संभावना नहीं होगी। इसलिए कर्मचारियों के लिए यह समय बेहद सावधानी से निर्णय लेने का है।
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपल ऑफिसर (CPO) एमी कोलमैन ने इस पूरी प्रक्रिया पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि यह वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर कंपनी के लिए एक नया अनुभव और प्रयोग है, जिससे वे भविष्य के लिए बहुत कुछ सीखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी का मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि लोग अपने सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण काम पर पूरा फोकस कर सकें, नई तकनीक व कौशल सीखें और जहां भी संभव हो, माइक्रोसॉफ्ट के भीतर ही नए अवसरों की तलाश करें। हर टीम या हर कर्मचारी पर एक ही नियम को लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि व्यवसाय की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे आगे भी हर बात पूरी पारदर्शिता के साथ बताती रहेंगी, सबकी बात सुनेंगी और लगातार सुधार करती रहेंगी। साथ ही, उन्होंने कंपनी के ग्राहकों और एक-दूसरे के लिए लगातार मेहनत कर रहे सभी कर्मचारियों का आभार जताया।
इससे पहले जुलाई में जब माइक्रोसॉफ्ट ने 4,800 कर्मचारियों को निकाला था, तब कंपनी ने कहा था कि तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और एआई के दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है। कंपनी ने यह भी बताया था कि नौकरियों के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए पिछले एक साल के भीतर 4,000 से अधिक लोगों को दूसरी टीमों में सफलतापूर्वक शिफ्ट किया गया था, वॉलेंटरी रिटायरमेंट के विकल्प दिए गए थे और चार गेमिंग स्टूडियोज को नए मैनेजमेंट के हवाले किया गया था। माइक्रोसॉफ्ट का यह ताजा कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि ग्लोबल टेक इंडस्ट्री अब एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपने भारी निवेश को संतुलित करने के लिए वर्कफोर्स को रीस्ट्रक्चर करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के दूसरे 5 साल के कार्यकाल के विस्तार पर सवाल उठाए हैं। नोएल टाटा ने नियमों की अनदेखी, हितों के टकराव और वोटिंग के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। जानिए इस विवाद से जुड़ी सभी अहम जानकारियां विस्तार से।
दिवाली से पहले सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 10 ग्राम सोना 1.41 लाख और चांदी 1.92 लाख रुपए पर आ गई है। जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स और क्या है खरीदारी का सही तरीका।
माइक्रोसॉफ्ट ने AI और सिस्टम के खर्च की भरपाई के लिए 60,000 कर्मचारियों को एक साल तक की सैलरी के साथ वॉलेंटरी एग्जिट का ऑफर दिया है। जानिए भारत और दुनिया भर के कर्मचारियों पर इसका क्या असर होगा।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर वैश्विक मैक्रो दबाव के आगे पस्त होता नजर आया। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स गिरता नजर आया। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गिरकर नीचे पहुंच गया।
केंद्र सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स में बदलाव कर 100% इथेनॉल (E100) फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मंजूरी दी है। जानिए इसके नियम, लाभ और मौजूदा वाहन चालकों पर इसका क्या असर होगा।
26 अक्टूबर को सोने और चांदी के दामों में बड़ा बदलाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में बढ़त के बीच भारतीय घरेलू बाजार में सोना महंगा हुआ, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जानिए MCX और बुलियन मार्केट के ताजा रेट्स।
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 600 अंक से अधिक लुढ़का, जबकि निफ्टी 22,450 के नीचे बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में तीन फीसदी तक की गिरावट आई।
बीते सप्ताह शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के चलते देश की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में से 8 का बाजार पूंजीकरण 1.55 लाख करोड़ रुपये घट गया। एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
25 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। जानिए 24 दिनों में कितने सस्ते हुए सोना-चांदी और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में आज के ताजा रेट क्या हैं।
24 अक्टूबर 2026 को सोने-चांदी के दामों में नरमी देखने को मिली। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और इंदौर समेत देश के प्रमुख शहरों में 24K, 22K, 18K सोना और 1 किलो चांदी के नवीनतम रेट जानें।