MP कैबिनेट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला। पेंशनरों की DR 2% बढ़ी, सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना लागू, और कोदो-कुटकी MSP पर खरीदने के लिए श्री अन्न फेडरेशन को मंजूरी।
By: Ajay Tiwari
Oct 14, 20256:44 PM
एमपी कैबिनेट
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के किसानों, सरकारी पेंशनरों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने पहली बार कोदो-कुटकी की सरकारी खरीद करने, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना शुरू करने और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) बढ़ाने को मंजूरी दी।
पेंशनरों की महंगाई राहत में 2% की वृद्धि
कैबिनेट ने राज्य के लगभग 4.50 लाख सरकारी पेंशनरों और परिवार पेंशनरों की महंगाई राहत दर में वृद्धि करने का फैसला किया है। सातवें वेतनमान के तहत पेंशन पा रहे पेंशनरों की महंगाई राहत अब 53% से बढ़कर 55% हो जाएगी। वहीं, छठवें वेतनमान के पेंशनरों की महंगाई राहत की दर बढ़ाकर 246% कर दी गई है। यह वृद्धि 1 सितंबर 2025 से लागू होगी। इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर सालाना 170 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना
खरीफ वर्ष 2025 के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में भावांतर योजना को स्वीकृति दी गई है। यह योजना केंद्र सरकार की प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम पर आधारित होगी। किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन बेच सकेंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5238 रुपये प्रति क्विंटल और मंडी में विक्रय दर के बीच का अंतर पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा किया जाएगा। मॉडल रेट का निर्धारण राज्य की मंडियों में 14 दिनों की औसत कीमत के आधार पर होगा।
श्री अन्न फेडरेशन का गठन और खरीद
कैबिनेट ने पहली बार कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों के किसानों से सरकारी उपार्जन करने का निर्णय लिया। इससे विशेष रूप से जनजातीय कृषकों को लाभ मिलेगा। रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के तहत, जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा सहित 11 प्रमुख जिलों में यह खरीद की जाएगी। खरीफ 2025 में उत्पादित श्री अन्न (मिलेट्स) की खरीद श्री अन्न कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (श्री अन्न फेडरेशन) द्वारा की जाएगी। कुटकी का उपार्जन 3500 रुपये प्रति क्विंटल और कोदो का उपार्जन 2500 रुपये प्रति क्विंटल के मान से लगभग 30 हजार मेट्रिक टन किया जाएगा। किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये प्रति क्विंटल अलग से डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे। फेडरेशन को 80 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण भी दिया जाएगा।