मध्य प्रदेश सरकार ने अधीक्षक भू-अभिलेख (SLR) और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (ASLR) को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार दिए। सितंबर 2025 में इनके पद क्रमशः तहसीलदार और नायब तहसीलदार में मर्ज किए गए थे। अब 2278 अधिकारी न्यायिक व प्रशासनिक दोनों कार्य कर सकेंगे, जिससे राजस्व कोर्ट के लंबित मामले तेजी से निपटेंगे। जानें नए सेटअप की पूरी जानकारी।

हाइलाइट्स
भोपाल. स्टार समाचार
मध्य प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए, अधीक्षक भू-अभिलेख (SLR) और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (ASLR) को अब कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान कर दिए हैं। राजस्व विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिया है कि अब ये अधिकारी भी मजिस्ट्रियल कार्य संपादित कर सकेंगे।
यह निर्णय प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पहले, राज्य शासन ने सितंबर 2025 में एक आदेश जारी कर SLR और ASLR के पदों को क्रमशः तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदनामों में समायोजित (मर्ज) कर दिया था। अब उन्हें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार दिए जाने से वे न्यायिक (Judicial) और प्रशासनिक (Administrative) दोनों प्रकार के कार्य करने में सक्षम हो गए हैं।
राजस्व विभाग के अनुसार, इस नए आदेश के लागू होने के बाद प्रदेश में राजस्व न्यायालयों (Revenue Courts) और अन्य मजिस्ट्रियल कार्यों के लिए कुल 2278 अधिकारी उपलब्ध हो गए हैं। अधिकारियों की संख्या में हुई इस वृद्धि से राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण की गति तेज होगी। साथ ही, ग्रामीण और तहसील स्तर पर प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में भी सुगमता आएगी।
इस नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय 3 जून को पचमढ़ी में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया था और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार देने का आदेश 23 अक्टूबर को जारी किया गया है।
पद समायोजन के बाद तहसीलदार कैडर का नया स्वरूप इस प्रकार होगा:
कुल पद: पहले अधीक्षक भू-अभिलेख के 144 और तहसीलदार के 610 पद स्वीकृत थे। समान वेतनमान और कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत होने के कारण इन पदों के आपस में समायोजित होने के बाद अब तहसीलदार के कुल 754 पद हो गए हैं।
पदोन्नति (Promotion): अधीक्षक भू-अभिलेख जिनका नया पदनाम तहसीलदार है, उनकी डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व में तय की गई वरीयता (Seniority) के आधार पर अपनाई गई प्रक्रिया का पालन तब तक जारी रहेगा जब तक यह पूरा कैडर सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से पूरी तरह से रिक्त नहीं हो जाता।
SLR कैडर में पदोन्नति: अधीक्षक भू-अभिलेख कैडर के पदों पर केवल नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख की ही पदोन्नति की जा सकेगी। यह कैडर (SLR और ASLR) तब तक अस्तित्व में रहेगा जब तक वर्तमान में पदस्थ सभी अधिकारी सेवानिवृत्त नहीं हो जाते।
अलग पदक्रम सूची: दोनों समान कैडर के पदों को मर्ज किए जाने के बावजूद, भू-अभिलेख कैडर के वजूद में रहने तक अधीक्षक भू-अभिलेख और तहसीलदार कैडर की अलग-अलग पदक्रम सूची (Seniority List) बनाई जाएगी।
इसी तरह, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (ASLR) और नायब तहसीलदार कैडर के पदों के समायोजन को भी मंजूरी दी गई है:
कुल पद: प्रदेश में सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के 282 और नायब तहसीलदार के 1242 पद स्वीकृत थे। समान वेतनमान के कारण दोनों पदों को मर्ज करने के बाद अब नायब तहसीलदार कैडर में कुल 1524 पद हो गए हैं।
पदोन्नति: अधीक्षक भू-अभिलेख (तहसीलदार) कैडर के पदों पर केवल नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को ही पदोन्नति दी जाएगी। यह क्रम तब तक जारी रहेगा जब तक इस कैडर के सभी अधिकारी रिटायर नहीं हो जाते।
सीधी भर्ती: सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख कैडर में सीधी भर्ती के स्वीकृत पदों पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। जैसे-जैसे ये पद रिक्त होते जाएंगे, उन्हें नायब तहसीलदार के स्वीकृत पदों के साथ जोड़कर नई भर्ती नायब तहसीलदार के रूप में की जाएगी।
राजस्व निरीक्षक की पदोन्नति: सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के प्रमोशन के लिए मंजूर पदों पर राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) के पद से प्रमोशन की प्रक्रिया पहले की तरह ही नायब तहसीलदार और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख दोनों ही पदों पर तय प्रतिशत के अनुसार जारी रहेगी। यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जब तक वर्तमान में पदस्थ सभी राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति नहीं हो जाती। नई भर्ती के अंतर्गत राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति की कार्यवाही नायब तहसीलदार भर्ती नियम 2011 के अनुसार की जाएगी।

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