भोपाल के बड़ा तालाब को बचाने के लिए प्रशासन का बड़ा अभियान। हलालपुरा में फार्म हाउस पर चला बुलडोजर। जानें 15 दिन का पूरा एक्शन प्लान और वेटलैंड नियम।
उज्जैन के इंगोरिया में इंदौर-खाचरोद बस हादसे का शिकार। ओवरटेक के चक्कर में पलटी बारातियों की बस, 18 घायल यात्रियों में बच्चे और महिलाएं शामिल। पढ़ें पूरी खबर
KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। बाढ़ राहत घोटाले में अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
सतना में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के कमजोर निराकरण पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सख्त हुए। तीन तहसीलदारों समेत 20 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर समय-सीमा में सुधार के निर्देश दिए गए।
मुरैना के बानमोर में नेशनल हाईवे-44 पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग को लेकर जारी अनशन सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। सांसद ने प्रशासनिक अनदेखी पर नाराजगी जताई।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में खाद वितरण के दौरान बड़ा विवाद! नायब तहसीलदार नीतू सिंघई पर एक युवती को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है, जिसने खाद की कालाबाजारी और टोकन न मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नायब तहसीलदार को सेवा आचरण के उल्लंघन पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
देवास तहसील कार्यालय में उज्जैन EOW टीम ने अपर तहसीलदार हर्षल बहरानी को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। किसान से तीन भूमि मामलों के निपटारे के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी।
मध्य प्रदेश सरकार ने अधीक्षक भू-अभिलेख (SLR) और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (ASLR) को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के अधिकार दिए। सितंबर 2025 में इनके पद क्रमशः तहसीलदार और नायब तहसीलदार में मर्ज किए गए थे। अब 2278 अधिकारी न्यायिक व प्रशासनिक दोनों कार्य कर सकेंगे, जिससे राजस्व कोर्ट के लंबित मामले तेजी से निपटेंगे। जानें नए सेटअप की पूरी जानकारी।
मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी तहसील में खाद वितरण के दौरान महिला तहसीलदार प्रीति रानी चौरसिया द्वारा एक किसान को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ है। एसडीएम ने इस बात को गलत बताया है, जबकि बुजुर्ग किसानों ने अव्यवस्था की शिकायत की है। जानें पूरा मामला और कांग्रेस के आरोप।
शासन के हालिया आदेश ने रीवा जिले की राजस्व न्यायालय व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई अधिकारियों के पास एक साथ कई राजस्व कोर्ट हैं, जिससे सुनवाई प्रभावित हो रही है। नौ नायब तहसीलदार अब भी लूप लाइन में भटक रहे हैं, जबकि तीन अधिकारियों को ही न्यायालयीन जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध और हड़ताल हुई थी, जिसके बाद कलेक्टर को स्थानीय प्राथमिकता के आधार पर कार्य वितरण का अधिकार मिला।






















