मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता पसंदीदा राज्य है। उन्होंने तीन दिवसीय 'फेड एक्सपो-2025' का शुभारंभ किया। इस आयोजन से स्थानीय उद्योग, MSME और स्टार्टअप्स को अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा। 'भोपाल-स्मोलेन्स्क' को ट्विन सिटी बनाने की पहल, 1000 इनक्यूबेशन सेंटर और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का शुभारंभ
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जोर देकर कहा है कि मध्य प्रदेश तेजी से उद्योगों के लिए एक पसंदीदा राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का विधिवत शुभारंभ किया, जिसका आयोजन फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FMPCCI) द्वारा गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि फेड एक्सपो जैसे आयोजन स्थानीय उद्योगों, नवाचारों और एमएसएमई सेक्टर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच से जोड़ने में सहायक सिद्ध होते हैं। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित करना, एमएसएमई को अधिकतम सुविधाएं देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। इस एक्सपो में मध्य प्रदेश के अलावा देश-विदेश (रूस, ओमान, ताइवान) के उद्यमियों, निवेशकों और संस्थानों ने व्यापक भागीदारी की है।

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'इपिक प्रोजेक्ट' का विमोचन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें और शासकीय कार्यालय एक ही प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश भर में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करना है, जो हर क्षेत्र के स्टार्टअप्स को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। 'इपिक प्रोजेक्ट' के माध्यम से 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
भारत और रूस के सदियों पुराने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और रूस के सांस्कृतिक शहर स्मोलेन्स्क को ट्विन सिटी (सिस्टर्स सिटीज) बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विदेशी उद्यमियों से आत्मनिर्भर और विकसित मध्य प्रदेश की विकास यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना रहा है। मध्य प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों को 5000 एकड़ जमीन आवंटित की है। यह एक तरह से पांच हजार उद्योगपतियों को राज्य में आने का खुला आमंत्रण है। सरकार द्वारा उद्योगपतियों से किए गए सभी वादे प्रतिबद्धता के साथ पूरे किए जा रहे हैं।
निवेश को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जीआईएस (GIS) और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों पर ठोस कार्यवाही की है, जिसमें से 6 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री को आमंत्रण दिया गया है, जिसे उनकी उपस्थिति में संपन्न किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार 22 नवंबर को हैदराबाद में इन्वेस्टर्स के साथ संवाद और रोड-शो भी आयोजित करने जा रही है।
फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा और संयुक्त अध्यक्ष अखिलेश राठी ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब बड़े औद्योगिक समूहों के लिए 'चॉइस डेस्टिनेशन ऑफ इन्वेस्टमेंट' बन चुका है।

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