पाकिस्तान में अमेरिकी और पश्चिमी देशों के ठिकानों पर हो रहे हमले ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संकट खड़ा कर दिया है। वाशिंगटन ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है।
By: Ajay Tiwari
Mar 01, 20263:57 PM
ईरान पर अमेरिका-इजरायल सैन्य प्रहार का विरोध
पाकिस्तान में हजारों लोग सड़कों उतरे
पाकिस्तान के प्रमुख शहर में हिंसा, आगजनी
इलामाबाद। स्टार समाचार वेब
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के घातक सैन्य प्रहार (ऑपरेशन रोअरिंग/एपीक फ्युरी) की गूँज ने पूरे पाकिस्तान को सुलगा दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के समर्थन में उतरी भीड़ अब बेकाबू हो चुकी है। कराची से लेकर राजधानी इस्लामाबाद तक, पाकिस्तान के प्रमुख शहर हिंसा की आग में जल रहे हैं। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी खूनी संघर्ष ने देश को गृहयुद्ध (Civil War) जैसी स्थिति में धकेल दिया है।
कराची में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं। प्रदर्शनकारियों के एक बड़े हुजूम ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के सुरक्षा घेरे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उग्र भीड़ ने दूतावास के मुख्य द्वारों को तोड़ने के बाद परिसर के बाहरी हिस्सों में आग लगा दी। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हवाई फायरिंग की और सैकड़ों आँसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। उपद्रव में 10 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है।
लाहौर के माल रोड और इस्लामाबाद के रेड ज़ोन में भी भारी हिंसा की खबरें हैं। प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे प्रदर्शनकारी पत्थरों और पेट्रोल बमों से सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं। इस्लामाबाद में राजनयिक एन्क्लेव (Diplomatic Enclave) की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को रोकने के लिए सेना की टुकड़ियों को तैनात करना पड़ा है।
उपद्रव को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत कई बड़े शहरों में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं और भीड़ को उकसाया जा रहा है। पूरे देश में धारा 144 लागू है, फिर भी हजारों लोग ‘मिशन खामेनेई’ के विरोध में सड़कों पर डटे हुए हैं।

पाकिस्तान में अमेरिकी और पश्चिमी देशों के ठिकानों पर हो रहे हमले ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संकट खड़ा कर दिया है। वाशिंगटन ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही स्थिति पर काबू नहीं पाया, तो पाकिस्तान को गंभीर वैश्विक प्रतिबंधों और अलगाव का सामना करना पड़ सकता है।