रीवा के बोदाबाग में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और रजिस्ट्री में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट आदेश के बाद कार्रवाई जारी, 31 मार्च के फैसले के बाद बुलडोजर चलने की तैयारी है।
By: Yogesh Patel
Mar 23, 20264:30 PM
हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
बोदाबाग वार्ड 8 में हाईकोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन पर घर और दुकान बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। अवैध निर्माण जमींदोज हो रहे हैं। इस कार्रवाई में एक ऐसा भी मामला सामने आया, जिसने नगर निगम और प्रशासन के कारस्तानी की पोल खोल दी। एक भाजपा नेता ने जमीन कहीं और खरीदी लेकिन रजिस्ट्री में चौहद्दी सरकारी जमीन पर दिखा दी। नगर निगम के अधिकारियों के सांठगांठ कर तीन मंजिला मकान तान दिया। इन्हें भी नोटिस मिला है। इनके मकान पर भी जेसीबी चलाने की तैयारी है। 31 मार्च को कोर्ट का फैसला आने का इंतजार किया जा रहा है।
आपको बता दें कि ग्राम बोदाबाग में आराजी नंबर 864 से 868 रिकार्ड में सरकारी जमीन दर्ज है। इस सरकारी जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। घर और दुकानें बना लीं थी। इसी अतिक्रमण को हटाने को लेकर हाईकोर्ट में रामानुज पाण्डेय ने याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने इसमें सरकारी आराजी को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश प्रशासन को दिए थे। इसी आदेश के तहत जिला प्रशासन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। तहसील हुजूर ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर लिया था। करीब 50 लोगों को चिन्हित किया गया था। इन सभी को दो महीने पहले ही नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस जारी होने के दो महीने बाद भी जब अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जा नहीं हटाया तो जिला प्रशासन इसे तोड़ने पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। इस अतिक्रमण में एक भाजपा नेता की तीन मंजिला बिल्डिंग भी फंस रही है। नोटिस जारी होते ही यह भाजपा नेता कोर्ट की शरण में पहुंच गए है। पहले भी इन्होंने दो मर्तबा एडीजे कोर्ट में अपील की थी। इन्हें झटका लग चुका है। अब मजिस्ट्रेट के पास अपील की गई है। सुनवाई पूरी हो चुकी है। 31 को फैसला का दिन तय किया गया है। इन्हें 31 मार्च तक के लिए स्टे दिया गया है। प्रशासन भी स्टे खत्म होने का इंतजार कर रहा है। जैसे ही फैसला आया, वैसे ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
कुसुमकली गुप्ता के नाम है जमीन और मकान
बोदाबाग में सरकारी जमीन पर ही कुसुमकली गुप्ता के नाम से अतिक्रमण किया गया है। इनके परिवार के सदस्य भाजपा के नेता है। रसूख के दम पर नगर निगम के अधिकारियों से मिली भगत की और सरकारी जमीन पर ही तीन मंजिला आलीशान दुकान और मकान तान दिया। इस भवन में लाइब्रेरी और किताब की दुकान का संचालन किया जा रहा है। यह भवन भी कार्रवाई की जद में है।
जमीन कहीं और खरीदी, कब्जा सरकारी पर किया
कुसुमकली गुप्ता के मामले में अजब गजब बात सामने आई है। इनका जो भवन बना हुआ है, यह सरकारी जमीन पर है। मजे की बात तो यह है कि इन्होंने जो जमीन खरीदी वह कहीं और है। रजिस्ट्री में जो जगह दर्ज कराई वह वर्तमान जगह बताई गई। चौहद्दी यहीं की लिखवाई गई। रजिस्ट्री में हेरफेर करके ही इन्होंने सरकारी जमीन पर भवन बना लिया। इसमें नगर निगम के इंजीनियरों की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इस जमीन पर कई मर्तबा लंबा विवाद भी हो चुका है। हाल ही में यह भवन बन कर तैयार हुआ है।
कुसुमकली गुप्ता का मकान भी सरकारी जमीन पर बना हुआ है। इन्हें भी नोटिस जारी किया गया है। यह पहले दो मर्तबा एडीजे कोर्ट से हार चुके हैं। मजिस्ट्रेट के पास अपील की गई है। इन्हें 31 मार्च तक के लिए स्टे मिला है। सुनवाई पूरी हो गई है। 31 मार्च को फैसला आएगा। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-यतीश शुक्ला, नायब तहसीलदार, हुजूर रीवा