रीवा जिले के किसानों ने खेतों में फसल की जगह अब सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। पीएम कुसुम योजना से हर महीने लाखों की कमाई। अब खेती बनेगी बिजली की।

किसान खेतों में अनाज नहीं अब करेंगे बिजली उत्पादन की खेती
रीवा, स्टार समाचार वेब
किसानों की तकदीर अब बदलने वाली है। किसान अब खेतों में गेहूं, चावल छोड़ कर बिजली तैयार करेंगे। इस योजना से किसानों को घर बैठे मोटी कमाई होगी। रीवा के तीन किसानों ने इस योजना के तहत बिजली उत्पादन भी शुरू कर दिया है। हर महीने इन्हें सिर्फ बिजली बनाने के लिए सरकार से लाखों रुपए मिलेंगे।
अभी तक आपने सुना होगा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए तरह तरह की योजनाएं ला रही है। उन्नत बीज उपलब्ध करा रही है। क्लस्टर खेती के लिए बढ़ावा दे रही है। अब इससे भी आगे सरकार ने किसानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए कदम उठाया है। किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना लागू की है। इस योजना के तहत किसानों को खेतों में बिजली बनाने के लिए भी पैसा दिया जाएगा। इसके लिए तीन योजनाएं संचालित की जा रही। इस योजना में फिलहाल योजना ए ही संचालित हो रही है। इस योजना के तहत किसान माला माल होने वाले हैं। रीवा जिला के तीन किसानों ने करोड़ों रुपए इंवेस्टमेंट करके हर महीने लाखों रुपए की कमाई भी शुरू कर दिए हैं। किसानों के खेतों से अब बिजली तैयार हो रही है जो मप्र और देश के घरों को रोशन कर रही है। इस योजना में किसानों का इन्वेस्टमेंट और उन्हीं का फायदा होगा। इस योजना के तहत किसान तेजी से आकर्षित भी हो रहे हैं।
पीएम कुसुम योजना के तहत खेतों में सोलर प्लांट लगाने पर किसानों को हर यूनिट पर 3.25 रुपए मिलेंगे। महीने मे जितने भी बिजली तैयार होगी। उसका आॅडिट होगा। उसके बाद जितनी भी यूनिट बिजली खेतों से तैयार की जाएगी। उसके हिसाब से किसान के खाते में रुपए भी ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
रीवा जिला में अब तक तीन किसानों ने इस योजना का फायदा उठाया है। त्योंथर अमहा रामसुंदर गांव के आलोक तिवारी ने 1 मेगावाट का प्लांट लगवाया है। इसी तरह पुर्वा सेमरिया में सुषमा तिवारी पति अरुण तिवारी और इसी गांव से देवीदीन मिश्रा पिता अर्जुन मिश्रा ने भी प्लांट लगाया है। अलोक तिवारी का प्लांट इसी साल शुरू हुआ है। वहीं देवीदीन और सुषमा तिवारी का प्लांट 20 नवंबरा 2024 से बिजली का उत्पादन कर रहा है। तीनों किसानों के खेत में ग्रिड सोलर पैनल लगाया गया है।
3-4 एकड़ भूमि इस योजना के लिए जरूरी
पीएम कुसुम योजना के तहत यदि कोई किसान सोलर प्लांट लगाना चाहता है तो कम से कम 3-4 एकड़ भूमि जरूरी है। इसमें 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का प्लांट लगाया जा सकता है। इसमें किसानों को 70 फीसदी राशि बैंक से फाइनेंस कर दी जाती है। इसके अलावा 30 फीसदी राशि किसान को खुद लगानी पड़ती है। इसमें कम से कम 3 से 4 करोड़ का खर्च आता है।
सरकारी अधिकारी बनाएंगे समूह और लगवाएंगे प्लांट
अब यह प्लांट सिर्फ किसानों तक ही सीमित नहीं रहेगा। कलेक्टर ने सभी विभाग के अधिकारियों को भी इस योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने के लिए आदेशित किया है। सभी विभाग के अधिकारियों को विभाग में समूह बनाकर प्लांट लगवाना होगा। इसके लिए जो भी खर्च आएगा। उसका प्रस्ताव शासन के पास भेजा जाएगा। विभाग प्लांट लगाने के लिए जमीन की व्यवस्था खुद करेगा।
रीवा जिला में पीएम कुसुम योजना के तहत तीन किसानों ने सोलर प्लांट खेतों में लगवाया है। उनके खेतों में बिजली का उत्पादन भी शुरू हो गया है। इस योजना से जुड़ कर किसान बिजली उत्पादन कर रुपए कमा सकते हैं।
- किशोर त्रिपाठी, कनिष्ठ अभियंता, विद्युत विभाग, शहर संभाग रीवा


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