रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सरकारी स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क मिलने वाली किताबें कबाड़ में बिक रही। ऐसा ही एक मामला तहसील सेमरिया के शासकीय पीएम श्रीपूर्व माध्यमिक विद्यालय का सामने आया है। यहां हेडमास्टर पत्नी ने पति के साथ मिलकर स्कूल की किताबें और अन्य सामान कबाड़ी को बुलाकर बेच दिया। स्कूल परिसर में ही कबाड़ पहुंचा और सारा सामान खरीद ले गया। कापी, किताब और अन्य पठन पाठन सामग्री को बेचे जाने का वीडियो भी सामने आया है। आपको बता दें कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लाखों, करोड़ो ंरुपए खर्च कर रही है। बच्चों को नि:शुल्क गणवेश और किताबें उपलब्ध करा रही है। हालांकि शिक्षकों और स्कूल के हेडमास्टरों की लापरवाही से स्कूली छात्रों को यह सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। बच्चों को बांटने के लिए पहुंचने वाली किताबें अतत: रद्दी में बेच दी जाती है। इस तरह के मामले आए दिन सामने आते ही रहते हैं। अब नया मामला शासकीय पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय बीड़ा तहसील सेमरिया का सामने आया है। यहां प्रभारी हेडमास्टर श्रीमती मंजुला नामदेव हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने नियम विरुद्ध तरीके से बिना किसी अनुमति स्कूल में पहुंची किताबें, बच्चों के उपयोग की सामग्री आदि कबाड़ी को बेच दी गई। जिस दौरान यह कारनामा किया जा रहा था। उस समय हेडमास्टर के पति भी मौजूद थे। वही किताब कापियां कबाड़ी को तौलवा कर बेच रहे थे। इस कारनामे को देख स्कूल के पास ही संचालित एक दुकानदार ने पूरा वीडियो ही मोबाइल पर रिकार्ड कर लिया। अब वीडियो वायरल हो रहा है।
बिना अनुमति और रिकॉर्ड रखे नहीं बेच सकते
सरकारी सम्पत्ति को कबाड़ में बेचने के पहले इसकी लिस्टिंग जरूरी हैं। कौन कौन सी चीज बेकार हो रही हैं और इन्हें कबाड़ में बेचना जरूरी है। एसएमडीसी की बैठक में मामला रखना चाहिए। स्वीकृति के बाद बीआरसीसी और फिर डीपीसी से अनुमति लेनी चाहिए। इसके बाद ही नियमानुसार इसकी बोली लगाकर बिक्री की जा सकती है। हालांकि ऐसा यहां कुछ भी नहीं हुआ। सीधे तौर पर प्रभारी हेडमास्टर ने कबाड़ी को बुलाकर स्कूल की सारी सामग्री बेच दी गई हैं।
वीडियो में पति गिन रहा रुपए
एक वीडियो स्कूल की सामग्री को कबाड़ में बेचने का वायरल हो रहा है। इसमें कबाड़ी स्कूल परिसर में ही तौल की मशीन लेकर पहुंचा हुआ है। कक्ष से स्कूल की कापी, किताबें और अन्य पठन पाठन की सामग्री बोरी में भरी जा रही हैं। इसके बाद हेडमास्टर के पति को कबाड़ी रुपए भी दे रहा है। यह रुपए हेडमास्टर के पति गिन भी रहे हैं। इस पूरे कांड ने नए तरह का मामला उजागर किया है। कुल मिलाकर सरकारी सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर यहां के हेडमास्टर खुद का जेब भरने में लगे हुए हैं।

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रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
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