रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट महीनों से प्रभावित होने के बावजूद ठेकेदार को भुगतान की तैयारी के आरोप लगे हैं। ड्रेनेज पाइप क्षतिग्रस्त होने के बाद भी बिल पास कराने की कोशिशों पर सवाल खड़े हुए हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां बिना काम के ही बिल भुगतान की तैयारी चल रही है। तीन महीने से एसजीएमएच का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद है। फिर भी ठेकेदार ने सांठगांठ कर बिल लगया जा रहा है।
आपको बता दें कि श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना हुआ है। गायनी विभाग के पीछे ही यह प्लांट संचालित है। इस प्लांट का ठेका टीपी पटेल के पास है। ठेकेदार के साथ मेडिकल कॉलेज ने अनुबंध किया हुआ है। इस अनुबंध के तहत ठेकेदार को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से निकलने वाले सीवरेज वेस्ट से खाद बनाना है। साथ ही गंदे पानी को साफ कर फिर से उपयोग के लिए लेना है। इसी का ठेका हुआ है। इस काम के बदले ठेकेदार को हर महीने करीब साढ़े चार लाख का भुगतान किया जाता है। मजे की बात तो यह है कि इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाट से बनी खाद कहीं उपयोग में आई ही नहीं। कॉलेज और अस्पताल में बने गार्डन में बाहर से खरीदी खाद ही उपयोग में लाई जाती है। इस प्लाट से ट्रीट किया गया पानी भी दोबारा उपयोग के लायक नहीं होता। इसका उपयोग सिर्फ सिंचाई आदि के काम ही आता है। हद तो यह है कि यह प्लाट पिछले 6 महीनों से बेकाम पड़ा हुआ है। यहां न पानी साफ हो रहा है और न ही खाद ही बनाई जा रही है। फिर भी ठेकेदार को बिना काम के ही यहां बिल का भुगतान किया जा रहा है। इसमें कई कर्मचारी, अधिकारियों की भी संलिप्तता है। ठेकेदार के साथ मिलकर फिर नया बिल पास कराने में लगे हुए हैं।
मौके का फायदा उठाना चाहता है ठेकेदार
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाट का ठेकेदार टीपी सिंह मौके का फायदा उठाने में लगा हुआ है। हाल ही में जीसी की बैठक में डीन को डिप्टी सीएम ने बिल पेडिंग को लेकर फटकार लगाई थी। इसी के बाद अब डीन धड़ाधड़ बिल पास कर रहे हैं। इसी आड़ में बंद प्लांट का भी बिल पास कराने की कोशिश की जा रही है।
एमपीबीडीसी ने पाइप लाइन डैमेज कर दी है
एमपीबीडीसी संजय गांधी अस्पताल के पीछे नए भवन का निर्माण कर रही है। जीएमएच के पुराने भवन को डिस्मेंटल किया जा रहा है। इसी डिस्मेंटल के दौरान ही ड्रैनेज पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। 6 महीने से डैनेज पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का गंदा पानी ही नहीं पहुंच रहा है। फिर भी प्लांट को चालू दिखाकर भुगतान लिया जा रहा है।
निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है ड्रैनेज पाइप
आपको बता दें कि संजय गांधी अस्पताल के गांधी स्मृति चिकित्सालय का पिछला भवन जमींदोज कर दिया गया है। काफी हिस्सा तोड़ा जा चुका है। इसके कारण अस्पताल का ट्रीटमेंट प्लांट भी पिछले तीन महीने से प्रभावित हो रहा है। इसकी जानकारी अस्पताल के प्रबंधन को भी है, फिर भी ठेकेदार से सांठगांठ कर बिल पास कराने की कोशिश की जा रही है।
प्लांट चालू हैं। प्लांट बंद नहीं है। नाला जरूर सुपर स्पेशलिटी की तरफ डायवर्ट हो रहा है। प्लांट बंद नहीं हुआ है।
टीपी सिंह पटेल, ठेकेदार, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, एसजीएमएच रीवा

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट महीनों से प्रभावित होने के बावजूद ठेकेदार को भुगतान की तैयारी के आरोप लगे हैं। ड्रेनेज पाइप क्षतिग्रस्त होने के बाद भी बिल पास कराने की कोशिशों पर सवाल खड़े हुए हैं।
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