रीवा के मऊगंज में लकड़ी घोटाला उजागर, ट्रक चालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार। दो आरक्षक लाइन अटैच, थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध। 18 लाख की लकड़ी खुर्द-बुर्द, मास्टरमाइंड अब भी फरार।
By: Yogesh Patel
Mar 22, 20263:51 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
कोलकाता से उत्तर प्रदेश जा रही ट्रक में लोड कीमती लकड़ी की खेप को खुर्द-बुर्द करने का मामला सामने आया है। इसमें ट्रक चालक समेत पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई है। मामला मऊगंज के रकरी गांव का है। जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक मऊगंज ने दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं उनके निर्देश पर चालक समेत एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करते हुये एफआईआर दर्ज की गई है। जबकि मास्टर माइंड की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार ट्रक क्रमांक पीबी 07 एस 8251 में कीमती लकड़ी की खेप कोलकाता से लोड कर उत्तर प्रदेश के बरेली रवाना की गई थी। लेकिन ट्रक चालक यशपाल सिंह ने बरेली पहुंचने से पहले ही ट्रक को मऊगंज थाना क्षेत्र के रकरी गांव में एक ढाबा के पीछे खड़ा कर दिया। इसके बाद इसमें लोड कीमती लकडी की खेप को हाइड्रा की मदद से नीचे उतरवा दिया। बाद में ट्रक लेकर घूरपुर पहुंच गया। जहां उसने लकड़ी लूटने की जानकारी ट्रांसपोर्टर को दी। लिहाजा ट्रांसपोर्टर ने मऊगंज पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और घटना से अवगत कराया। पुलिस ने जांच किया तो पता चला कि ट्रक चालक यशपाल सिंह ने अपने साथी मोहम्मद शाहिद और बिहार निवासी चंदन जयसवाल के साथ मिलकर लकड़ी को खुर्द बुर्द करने का प्रयास किया था। लिहाजा पुलिस ने अपराध क्रमांक 150/26 में धारा 316(3) के तहत अपराध दर्ज किया और चालक यशपाल सिंह समेत मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मास्टर माइंड चंदन जायसवाल अब भी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी संदीप भारतीय की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। सूत्रों की माने तो वाकया की जानकारी थाना प्रभारी को भी थी, उन्हीं के निर्देश पर उक्त पुलिसकर्मी काम तमाम होने तक मौके पर डटे रहे। बाद में ट्रक रवाना होते ही थाना पहुंच गये। अब इस मामले में पुलिसकर्मियों को तो लाइन अटैच कर दिया गया है, लेकिन थाना प्रभारी को बचा लिया गया है। जानकारों का कहना है कि पुलिस आरक्षकों की कॉल डिटेल खंगाली जाये तो सारे सच सामने आ जायेंगे।
ढाबा के पीछे उतार दिये थे लकड़ी
जांच में सामने आया है कि ट्रक चालक ने चंदन जायसवाल से संपर्क कर हनुमना थाना क्षेत्र के रकरी गांव पहुंचा और चंदन ढाबा के पीछे ट्रक को खड़ा किया, इसके बाद ट्रक में लोड लकड़ी को हाइड्रा की मदद से उतार दिया था। बाद में ट्रांसपोर्टर को लकड़ी लूटने की गलत जानकारी दी थी। ट्रक में करीब 18 लाख रुपये की लकड़ी लोड थी, जिसका पश्चिम बंगाल के फारेस्ट विभाग ने ट्रांजिट पास भी जारी किया था।
पुलिस कर्मियों ने कर ली थी सेटिंग
सूत्रों की माने तो जब ट्रक से रकरी गांव में ढाबा के पीछे लकड़ी की खेप अनलोड की जा रही थी, तभी डॉयल 112 से पुलिस मौके पर पहुंच गई। 19 मार्च को शाम करीब साढ़े 3 बजे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और रात 9 बजे तक मौके पर ही खड़े रहे। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी। बाद में सेटिंग कर ट्रक को जाने दिया गया। हालांकि बाद में यह पूरा मामला सामने आ गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद आरक्षक शशिकांत रजक और सुरेश यादव को पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने लाइन हाजिर कर दिया है।
कोलकाता से लकड़ी लोड कर एक ट्रक बरेली उत्तर प्रदेश जाने के लिये निकला था। लेकिन रास्ते में ही ट्रक चालक ने कुछ लोगों के साथ मिलकर लकड़ी को खुर्द बुर्द कर दिया था। इसकी एफआईआर थाना में दर्ज की गई है। चालक समेत एक अन्य को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मामले में दो आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया है। इन आरक्षकों ने समय से मामले की जानकारी अधिकारियों को नही दी थी।
-विक्रम सिंह, एएसपी मऊगंज