सतना में बिजली कंपनी की समाधान योजना से अपेक्षित राजस्व नहीं मिलने पर कलेक्टर आज समीक्षा करेंगे। लक्ष्य से दूर वसूली बढ़ाने के लिए अधिकारियों संग बैठक में रणनीति और समन्वय पर जोर रहेगा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
बिजली बिल के सरचार्ज माफी को लेकर नवम्बर माह से प्रदेश भर में शुरू हुई समाधान योजना भी दम तोड़ती नजर आ रही है। बकायादारों द्वारा रूचि न लेने के चलते बिजली कंपनी का अपेक्षित राजस्व संग्रह कम हुआ है। ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी ने 'समाधान' से 'खजाना' भरने की उम्मीद की थी, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहे।
घटते राजस्व को बढ़ाने के लिए समाधान योजना को डेढ़ माह का एक्सटेंसन दिया गया है। अब यह योजना 15 मई 2026 को समाप्त होगी। बताया जाता है कि अब इस योजना की मॉनिटरिंग कलेक्टर भी करेंगे। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सोमवार को पहले टीएल में समाधान की प्रगति समीक्षा करेंगे। इसके बाद सभी बिजली कंपनी के अधिकारियों की शाम 5 बजे से बैठक लेंगे, जिसमें सभी बिजली अफसरों की समस्याएं सुनी जाएंगी।
लक्ष्य की पूर्ति के लिए समन्वय पर जोर
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अजय गुप्ता ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजस्व वसूली में आ रही अड़चनों के लिए वे कलेक्टर से चर्चा करें। उन्होंने कहा कि स्थनीय प्रशासन के सहयोग से ही राजस्व वसूली को और प्रभावी बनाया जा सकता है वहीं मई के लक्ष्य की पूर्ति भी की जा सकती है। जानकारों ने बताया कि कलेक्टर ने भी बिजली अधिकारियों से सहयोग की बात कही है।
जनप्रतिनिधि डाल रहे अड़चन
बिजली सूत्रों ने बताया कि राजस्व वसूली में सबसे बड़ी अड़चन यहां के जनप्रतिनिधि और रसूख नेता बन रहे हैं। इनके लिए भी कुछ नियम कायदे कलेक्टर को बनाने चाहिए ताकि राजस्व में बढ़त हो। बताया जाता है कि जैसे ही बिजली कंपनी द्वारा बकायादारों से राजस्व वसूली के खिलाफ कनेक्शन विछेदन या अन्य प्रकरण की कार्रवाई की जाती है, बकायादारों को बचाने जनप्रतिनिधि का फरमान जारी हो जाता है और राजस्व की कार्रवाई वहीं धरी की धरी रह
जाती है।
39 हजार उपभोक्ताओं ने जमा किया 43 करोड़
नवम्बर माह से शुरू हुए समाधान योजना में अब तक 39 हजार उपभोक्ताओं द्वारा 43 करोड़ रुपए का राजस्व जमा किया गया है। जबकि सतना वृत्त अन्तर्गत लक्ष्य 445 करोड़ रुपए का है। बकाया गया कि 2 लाख 53 हजार 96 उपभोक्ताओं को इस योजना अन्तर्गत चिन्हित किया गया है, जिनसे 445 करोड़ 64 लाख रुपए का राजस्व वसूलना बाकी है। सरकार द्वारा समाधान योजना को 15 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है लेकिन लक्ष्य अभी भी दूर है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी द्वारा सतना वृत्त को 15 अपै्रल तक 77 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया है जो कि चुनौतीपूर्ण है।
न्यायालय मेें 35 सौ प्रकरण विचाराधीन, जल्द हो कार्रवाई
बिजली से जुड़े जानकारों ने बताया कि सतना-मैहर जिले में विद्युत अधिनियम 135 एवं 138 के तहत 3500 उपभोक्ताओं के प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं। बैठक में इस मसले पर भी चर्चा होगी। बिजली अधिकारियों द्वारा सबसे पहला पक्ष यह रखा जाएगा कि न्यायालयीन प्रकरणों में वारंट जारी कर पुलिस के सहयोग से बकायादारों को पकड़ा जाए और उनसे राजस्व वसूला जाए। वहीं दूसरी मांग खाता नम्बर लेने की कही जाएगी। अधिकारियों द्वारा कलेक्टर से अनुरोध किया जाएगा कि संबंधित बकायादार का शीर्ष बैंक मैनेजर द्वारा खाता नम्बर सरलता से उपलब्ध कराया जाए। ताकि बकायादार का खाता सीज कराने की कार्रवाई की जा सके। देखना यह बाकी होगा कि सोमवार की बैठक के बाद 'समाधान' किस ओर करवट लेती है।


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