मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की व्यवस्था में राज्य निर्वाचन आयोग एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में दोनों चुनाव अब अलग-अलग के बजाय एक साथ कराने की योजना पर काम चल रहा है, जिसका अंतिम रोडमैप सितंबर से अक्टूबर के बीच तैयार कर लिया जाएगा।

पंचायत चुनाव भी तीन चरणों के बजाय एक चरण में कराएंगे
16-17 सितंबर को रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी
ईवीएम उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स पर आयोग की पैनी नजर
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की व्यवस्था में राज्य निर्वाचन आयोग एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में दोनों चुनाव अब अलग-अलग के बजाय एक साथ कराने की योजना पर काम चल रहा है, जिसका अंतिम रोडमैप सितंबर से अक्टूबर के बीच तैयार कर लिया जाएगा। इस संबंध में रायपुर में होने वाली अंतर-राज्यीय बैठक में ईवीएम प्रबंधन और अन्य राज्यों के मॉडल्स पर चर्चा होगी। चुनावों को एक साथ संपन्न कराने का मुख्य उद्देश्य लंबी आचार संहिता के कारण ठप होने वाले विकास कार्यों को गति देना और आम जनता की परेशानियों को कम करना है। दरअसल, मध्य प्रदेश में अगले साल प्रस्तावित नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो सकता है। आयोग चुनावों के चरण कम करने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान व्यवस्था में पंचायत चुनाव तीन और नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में होते हैं। लंबे समय तक लागू रहने वाली आदर्श आचार संहिता से विकास कार्य और सरकारी गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
एक चरण में होंगे पंचायत चुनाव
आयोग की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों के बजाय एक चरण में कराए जा सकते हैं। इसी तरह पंचायत चुनाव भी तीन चरणों की जगह एक ही चरण में कराने की तैयारी है। इस व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया कम समय में पूरी होने और आचार संहिता की अवधि घटने की उम्मीद है।
रायपुर में होगी महत्वपूर्ण बैठक
एक चरण में चुनाव कराने की तकनीकी और प्रशासनिक संभावनाओं पर चर्चा के लिए 16 और 17 सितंबर को रायपुर में अंतर-राज्यीय राज्य निर्वाचन आयुक्तों की बैठक होगी। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त भी इसमें शामिल होंगे। बैठक में अन्य राज्यों में अपनाए गए कम चरणों वाले चुनाव मॉडल, ईवीएम की उपलब्धता और एक साथ मतदान कराने की तकनीकी व्यवस्था पर अनुभव साझा किए जाएंगे।
ईवीएम और परिणाम पर फोकस
पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में एक साथ मतदान के लिए पर्याप्त ईवीएम की उपलब्धता और उनकी लॉजिस्टिक्स पर भी काम किया जा रहा है। आयोग मतदान और मतगणना के बीच का अंतर कम कर परिणाम जल्द घोषित करने की व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। रायपुर बैठक के निष्कर्षों के बाद अंतिम प्लान तैयार होगा।
अक्टूबर में उपचुनाव की उम्मीद
नगरीय निकायों में रिक्त पदों के लिए उपचुनाव की तैयारी भी चल रही है। ये चुनाव अक्टूबर में हो सकते हैं। आगर मालवा जिले की सुसनेर नगर परिषद के अध्यक्ष का पद 19 फरवरी 2026 से रिक्त है। प्रदेश के नगरीय निकायों में पार्षदों के 85 पद भी खाली हैं।
पंचायतों में भी कई पद खाली
31 मार्च 2026 की स्थिति में जिला पंचायत सदस्य के 3, जनपद पंचायत सदस्य के 13, पंचों के 3753 और सरपंच के 74 पद रिक्त हैं। इन पदों पर भी चुनाव कराए जाने हैं।

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम के आयोजनों में फैली अव्यवस्थाएं अब श्रद्धालुओं की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी हैं। मंगलवार सुबह सीवन नदी तट से 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू तो हुई, लेकिन प्रशासन और आयोजकों की बदइंतजमी ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं का दम घोंट दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की विस्तारित चौथी विनिर्माण इकाई का शुभारंभ करेंगे। इकाई के विस्तार पर 450 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इससे मालनपुर में उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ 2,250 से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की व्यवस्था में राज्य निर्वाचन आयोग एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में दोनों चुनाव अब अलग-अलग के बजाय एक साथ कराने की योजना पर काम चल रहा है, जिसका अंतिम रोडमैप सितंबर से अक्टूबर के बीच तैयार कर लिया जाएगा।
गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही एक यात्री बस में देर रात 1:10 बजे अचानक भीषण आग लग गई। हादसा मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर नगर स्थित भोपावर चौकी के समीप हुआ। बस में धुआं उठता देख चालक वाहन को रास्ते में ही छोड़कर मौके से फरार हो गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा एयरपोर्ट पर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सर्वे और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
रीवा के उपरहटी मोहल्ले में प्राचीन शिवलिंग ‘पड़ोसी बाबा’ के नाम से पूजित है। मान्यता है कि यह हजार वर्ष पुराना है। टेढ़ी जलहरी, भस्म आरती और रंगपंचमी का आयोजन इसकी विशेष पहचान है।
रीवा के सोहागी क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ ने तबाही मचाई। मझिगवां के ककरहा टोला में करीब 40 कच्चे मकान ढह गए। ग्रामीणों ने नुकसान, राहत की कमी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का आरोप लगाया।
रीवा के शान-ए-विंध्य सम्मान समारोह में डॉली चायवाला, सुनील पाल और अभय शर्मा ने दर्शकों का मनोरंजन किया। प्रतिभाओं का सम्मान हुआ, संगीत ने समां बांधा और बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई।
रीवा में जनवरी से जुलाई के बीच 250 से अधिक साइबर ठगी के मामले पुलिस तक पहुंचे। जालसाजों ने करीब एक करोड़ रुपए ठगे। वर्क फ्रॉम होम, फर्जी क्रेडिट मैसेज और एपीके फाइल प्रमुख माध्यम बने।
सीधी के शिकारगंज-भंवरसेन मार्ग पर लगातार बारिश से सड़क किनारे मिट्टी का कटाव बढ़ गया है। कई जगह आधार कमजोर हो चुका है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे की आशंका बढ़ी, सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।

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