महाराष्ट्र में होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दलों ने बड़ी राजनीतिक बढ़त बना ली है। भाजपा और महायुति गठबंधन के सहयोगियों ने 68 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। इस सियासी घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है।
मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय के उपचुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। रीवा जिले के सिमरिया नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है। कांग्रेस उम्मीदवार पद्मा कुशवाह ने भाजपा की आराधना विश्वकर्मा को 746 मतों के अंतर से हराया।
केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम में NDA की 50 सीटों पर ऐतिहासिक जीत। PM मोदी ने इसे केरल की राजनीति में 'ऐतिहासिक क्षण' बताया, LDF/UDF पर निशाना साधा, और विकसित केरल के निर्माण का आश्वासन दिया।
मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में भारी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की वार्षिक संपरीक्षा प्रतिवेदन वर्ष 2021-22 में यह खुलासा हुआ है कि कई नगर निगम, नगर पालिका परिषदों और नगर परिषदों ने अपनी वास्तविक आय से अधिक राशि खर्च कर दी है।
मध्यप्रदेश के निकाय चुनावों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने में होने वाले खर्च की लिमिट तय करने का फैसला किया है। आयोग ने सभी बदलाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक में शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्रियों के नदारद रहने से गठबंधन में तनाव। 'पोचिंग' के आरोपों पर फडणवीस ने दोनों दलों को दी सख्त चेतावनी। जानें क्या बोले आदित्य ठाकरे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता समग्र समारोह में नगरीय निकायों को ₹7000 करोड़ की परियोजनाएं दी।
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा बदलाव नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा है, जिसके तहत अब नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। यह व्यवस्था वर्ष 2027 के आम चुनाव से लागू होगी।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने समय-सीमा बैठक में स्पष्ट किया कि यदि कोई प्राधिकृत अधिकारी विसंगतिपूर्ण प्रमाण-पत्र जारी करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, रेल प्रोजेक्ट से प्रभावित किसानों को शीघ्र राशि वितरण और लंबित शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।






















