दतिया विधानसभा उपचुनाव में धनबल और अवैध नकदी के इस्तेमाल को रोकने के लिए चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सख्ती बरत रहा है। आदर्श आचार संहिता के तहत गठित उड़नदस्ता टीम और स्टेटिक सर्विलांस टीम जिले के चप्पे-चप्पे पर सघन जांच अभियान चला रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए 58 लाख वोटरों के मामले में चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। जानें क्या है पूरा विवाद और कोर्ट की अहम टिप्पणी।
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के रण में 21 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। उपचुनाव के लिए नाम वापिसी लेने की प्रक्रिया पूरी हो गई। इस दौरान तीन ने अपने नाम वापिस लिए हैं। इस तरह नामांकन जांच के बाद शेष बचे 24 में से 21 उम्मीदवार ही चुनावी रण में किस्मत अजमा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज चुनाव सुरक्षा पर राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। ट्रम्प ने कहा कि उनकी सरकार चुनाव सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक यानी डिक्लासिफाई कर रही है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन का दौर खत्म होने के साथ ही चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों से साफ हुआ है कि भाजपा-कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी करोड़पति हैं, लेकिन दोनों पर लाखों का कर्ज भी है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के बीच दतिया की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक से मिलने खुद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उनके घर पहुंच गए। बीती देर रात हुई इस मुलाकात ने दतिया के सियासत में सुगबुगाहट तेज कर दी है।
दतिया में टिकट को लेकर उपजी नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा में बढ़े टकराव के बाद कांग्रेस में भी कलह शुरू हो गई है। इसका नजारा कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करते समय साफ दिखा। इससे पार्टी के टेंशन बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आज (सोमवार) का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह आज अपने-अपने दल के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव ने अब बेहद दिलचस्प राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा ने इस बार बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाते हुए अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर दोबारा दांव लगाने के बजाय नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। इस फैसले ने न केवल दतिया बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
मध्य प्रदेश के दतिया में आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने पर भारी बवाल हो गया है। नाराज समर्थकों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे एनएच-44 को जाम कर दिया।






















