प्रदेश में निगम-मंडल नियुक्तियां शुरू होते ही सतना में राजनीतिक हलचल तेज है। अब चित्रकूट विकास प्राधिकरण और विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पदों पर दावेदारों की नजरें टिक गई हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
प्रदेश सरकार ने लंबे इंतजार के बाद निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश की मोहन सरकार ने अनूपपुर के पूर्व विधायक रामलाल रौतेल को मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्यक्ष बनाया है, श्री रौतेल को यह जिम्मेदारी दूसरी बार दी गई है। निगम मंडलों में हुई पहली नियुक्ति में विंध्य से पूर्व विधायक श्री रौतेल को मिली जिम्मेदारी के बाद से अब सबकी निगाहें भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट और विंध्य विकास प्राधिकरण पर आकर टिक गई है। यहां नवगठित चित्रकूट विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनने का सपना सत्तारूढ़ दल भाजपा से जुड़े कई नेता पाले हुए हैं। यही हाल विंध्य विकास प्राधिकरण का है। इसके अध्यक्ष बनने की दौड़ में भी कई नाम सामने आ रहे हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य समेत अन्य निगम -मंडलों के लिए भी दावेदारी की जा रही है।
पर्दे के पीछे से हमेशा पार्टी ने दिया सत्ता सुख
सतना के नेताओं को पर्दे के पीछे से सत्तारूढ़ होने का मौका हमेशा ही मिला है। यहां के नेताओं को पार्टी कभी निगम -मंडल में तो कभी आयोग या फिर प्राधिकरण में जगह देकर उनकी निष्ठा और समर्पण का सम्मान करती रही है। पिछले कार्यकाल में भी कई नेता उपकृत थे, ऐसे में माना जा रहा है कि निगम- मंडलों में सतना को पर्याप्त महत्व मिलेगा यहां के पार्टी नेताओं को इस बात का भरोसा है, वैसे सतना ने भी पिछले कुछ चुनावों से भाजपा को दिल खोलकर अपना समर्थन दिया है। ऐसे में पार्टी द्वारा अनूपपुर के पूर्व विधायक रामलाल रौतेल को मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद विंध्य विकास प्राधिकरण और पिछड़ा वर्ग आयोग का सदस्य के तौर पर सतना के किसी नेता की नियुक्ति कर सकती है।
इन पांच नामों की चर्चा
निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होते ही सतना से निगम -मंडल व आयोग में किसे स्थान मिल सकता है,इस बात को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सार्वजनिक स्थानों से लेकर पार्टी फोरम तक ये नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिलहाल सतना से जिन नामों की चर्चा चल रही है उनमें लघु उद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह, नगर निगम सतना के पूर्व स्पीकर अनिल जायसवाल, शासकीय स्वशासी महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्रराज सिंह यादव के बेटे विजय यादव, प्रदेशकार्य समिति सदस्य विनोद तिवारी, विनोद यादवस का नाम शामिल है। पार्टी सूत्रों की मानें तो पिछले कई वर्षों से सतना से किसी न किसी को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का सदस्य व किसी न किसी को निगम में शामिल किया जाता रहा है। ऐसे में संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इन तीनों दावेदारों में से किसी न किसी को पार्टी निगम - मंडल में जगह दे सकती है।
क्या कांग्रेस से आए नेताओं को भी मिलेगा मौका
लोकसभा चुनाव के दौरान कई दिग्गज कांग्रेसियों ने भाजपा की सदस्यता ली थी तब से वे अपने लिए पार्टी में उचित स्थान तलाश रहे हैं। संगठन में कांग्रेस से आए एक व्यक्ति को पद मिलने के बाद अन्य नेताओं की हसरतें पर्दे के पीछे से सत्ता सुख पाने के लिए जाग उठी हैं। फिलहाल कांग्रेस से भाजपा में आए दो नेता निगम- मंडल में नियुक्तियां पाने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं।
सतना से अब तक किसे मौका
कौन हैं रामलाल रौतेल?
मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद पर आसीन होने वाले रामलाल रौतेल जमीनी नेता माने जाते हैं और उनके पास अपार अनुभव मौजूद है। छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत करते हुए वे सरपंच बने, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य बने, फिर वह साल 2003 में अनूपपुर सीट से पहली बार विधायक बने थे। वे साल 2010 में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रहे हैं, इसके बाद साल 2013 में दोबारा विधायक बने थे, वहीं साल 2023 में उन्होंने कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्हे यह जिम्मेदारी दूसरी बार मिली है। श्री रौतेल 1998,2008 और 2018 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।


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