सतना जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगा काऊ कैचर अव्यवस्थित होकर एम्बुलेंस और वाहनों के लिए खतरा बन गया है, कई हादसे होते-होते बचे, प्रबंधन और ठेकेदार की लापरवाही उजागर हुई।
By: Yogesh Patel
Mar 29, 20262:39 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर पड़ा काऊ कैचर मरीजों और उनके परिजनों के लिए मुसीबत का सबब तो बन ही रहा है साथ ही किसी बड़े हादसे को भी आमंत्रित कर रहा है। इससे अस्पताल के अंदर- बाहर गौवंश तो बड़ी आसनी से आ जा रहे हैं लेकिन मरीज और उन्हें लाने- ले- जाने वाली एम्बूलेंस जरूर इसमें फस रही है। शनिवार को अस्पताल के मेन गेट में पड़े काऊ कैचर के ढांचे में वाहन फसें तो दो पहिया वाहन वाले गिर कर घायल हुए। गौरतलब है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मानकों पर खरा न उतरने के कारण इसे लगाने पर रोक लगाए जाने के बावजूद यह लोहे का ढांचा अब तक मौके से नहीं हटाया गया है। हालत यह है कि ढांचे के ऊपर से ही एम्बूलेंस एवं परिजनों के दो पहिया एवं चार पहिया वाहन गुजर रहे हैं और लोहे का ढांचा कई जगह से बैंड हो गया है। प्रबंधन द्वारा ठेकेदार आर आर कांस्टेÑक्शन को काऊ कैचर को गुणवत्ता पूर्ण बनाने एवं मुख्य द्वार पर फिक्स करने के लिए पत्राचार भी किया गया है लेकिन ठेकेदार द्वारा न ही लोहे के स्ट्रक्चर को बदला गया और न ही मरीजों एवं परिजनों के आवागमन के लिए उचित व्यवस्था की गई।
तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि मुख्य द्वार पर पड़ा यह लोहे का स्ट्रक्चर जगह पर पूरी तरह फिक्स नहीं किया गया है, लगातार वाहनों के दबाव के कारण यह चारों तरफ से टेढ़ा भी हो गया है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
प्रबंधन ने लगाया था रोक
बताया गया कि एक सप्ताह पूर्व ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताविहीन काऊ कैचर लगाने का मामला सामने आने के बाद प्रबंधन द्वारा रोक लगा दी गई थी और गुणवत्तापूर्ण काऊ कैचर लगाने के लिए आदेश दिए थे। सप्ताह बीत जाने के बाद भी ठेकेदार द्वारा न तो पुराने ढांचे को हटाया गया है और न ही नया निर्माण किया गया काऊ कैचर लगाया गया। प्रबंधन ने ठेकेदार को दो बार पत्राचार किया है लेकिन अभी तक हालात जस के तस बने हुए हैं। फिलहाल यह अधूरा और विवादित काऊ कैचर अस्पताल के मेन गेट पर लापरवाही का प्रतीक बना हुआ है जिसे जल्द हटाने या सही तरीके से स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में रिनोवेशन के नाम पर 15 प्रकार के कार्य किए जाने हैं जिसका टेंडर आर आर कांस्ट्रेक्शन को दिया गया है। पूरे कार्य की लागत करीब 22 लाख रुपए बताई जा रही है जिसका भुगतान रोगी कल्याण समिति के मद से किया जाएगा।
ऐसा रहा नजारा
शनिवार की दोपहर एम्बुलेंस का अगला चका काऊ कैचर में फंस गया जिसके बाद चालक द्वारा अटेंडर को उतारकर सही राह दिखाने के लिए कहा गया। अगले ही पल में स्कूटी सवार चालक की स्कूटी काऊ कैचर में अचानक से आगे से उठ गई और पीछे बैठी सवारी गिरने से बची। वहीं आॅटो चालक को मरीज अंदर ले जाने धक्का भी लगाना पड़ा। गौरतलब है कि काऊ कैचर का इस्तेमाल आवारा जानवरों को परिसर के अंदर जाने से रोकने के लिए लगाया जाता है लेकिन यहां काऊ कैचर के ऊपर से ही जानवर निकल रहे हैं।