सतना में जनसुनवाई के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन और ईपीएफ अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। आशा कार्यकर्ता ने लंबित ज्वाइनिंग की गुहार लगाई, जबकि एक मां ने बीमार बेटे के इलाज के लिए रोजगार मांगा।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर वेतन विसंगति, पीएफ जमा नहीं होने और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान उन्हें भारतीय मजदूर संघ के बैनर का भी समर्थन मिला। भारतीय मजदूर संघ विविध सलाहकार के तत्वावधान में पदमधर द्विवेदी के नेतृत्व में जिले के आउटसोर्स कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने सेवा सुरक्षा, समय पर वेतन भुगतान, लंबित भुगतान, श्रमिक हितों की रक्षा तथा अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
ईपीएफ खाते में नहीं जमा हो रही राशि
ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें न्यूनतम वेतन और शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि कई कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में नियमित अंशदान जमा नहीं किया गया, जबकि वेतन से राशि काटी जाती रही। इससे कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
नियुक्ति के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं, वर्षों से भटक रही आशा कार्यकर्ता
जन सुनवाई में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत मझगवां क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए बताया कि आशा कार्यकर्ता के पद पर चयनित होने के बावजूद आज तक उसे ज्वाइनिंग नहीं दी गई। आवेदन के अनुसार, रानी यादव को वर्ष 2023 में मझगवां ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगौसा के डगुआन टोला आदिवासी बस्ती में आशा कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति दी गई थी। आदेश दिनांक 21 सितंबर 2023 के तहत संबंधित अधिकारियों को ज्वाइनिंग कराने के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन लगभग 3 साल बीत जाने के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं कराई गई। कलेक्टर द्वारा तत्काल शिकायत स्वास्थ्य प्रतिनिधि डीसीएम डॉ. ज्ञानेश मिश्रा के हवाले से सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को भेजी गई है। महिला ने अपने आवेदन में बताया कि वह वर्ष 2009 से आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर चुकी हैं और प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुकी हैं। शासन के निदेर्शों के तहत लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें बीच में हटा दिया गया था। बाद में दोबारा चयन होने के बावजूद अब तक पदभार नहीं दिया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा झूठी शिकायत कर उनकी नियुक्ति निरस्त कराई गई थी। हालांकि बाद में विभाग द्वारा पुन: चयन किया गया, लेकिन ज्वाइनिंग अब भी लंबित है। महिला का कहना है कि विभागीय आदेश होने के बावजूद संबंधित उप स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा के एएनएम- आशा पर्यवेक्षक द्वारा ज्वाइनिंग नहीं कराई जा रही है, इससे वह आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
रामपुर के 83 आवेदकों की समस्यायें सुनी
मंगलवार को रामपुर बघेलान के तहसील कार्यालय में कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस द्वारा अनुभाग स्तरीय जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई में क्षेत्र के 83 आवेदक अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम रामपुर बघेलान सुभाष मिश्रा, तहसीलदार रामपुर रमेश कोल, कोटर आशुतोष मिश्रा, जनपद सीईओ सहित उप खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। 177 आवेदक समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे : कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देशन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में अपर कलेक्टर विकास सिंह ने सतना जिले के विभिन्न अंचलों से पहुंचे 177 आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर संदीप परस्ते द्वारा भी आवेदकों की समस्याएं सुनी गई।
प्रत्येक मंगलवार को सभी शासकीय कार्यालयों में होगी जनसुनवाई
आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सतना डॉ. सतीश कुमार एस द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में प्रत्येक मंगलवार को नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित की जाए। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अनुविभाग स्तर पर पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों द्वारा जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पत्रों का समय पर निराकरण नहीं किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सतना को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पटवारियों के साथ प्रत्येक मंगलवार को प्रात: 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने कार्यालय के मीटिंग हॉल में उपस्थित रहकर जनसुनवाई आयोजित करें। इस दौरान आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बेटे के इलाज के लिए मां ने लगाई गुहार, कलेक्टर से मांगा रोजगार
जिले से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां एक मजबूर मां ने अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए जिला प्रशासन से रोजगार की मांग की है। महिला ने कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि उसका बेटा थैलेसीमिया (सिकल सेल एनीमिया) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। महिला ने बताया कि उसके बेटे को हर महीने 2 बार ब्लड चढ़ाना पड़ता है, जिससे इलाज का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवार के कई सदस्य इस बीमारी से प्रभावित हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। आवेदन में महिला ने कहा कि परिवार में 4 लोग बीमारी से प्रभावित हैं और पूरे परिवार का भरण-पोषण अकेले उसी पर है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। महिला ने यह भी उल्लेख किया कि 29 दिसंबर 2025 को दिल्ली से आई एक मानवाधिकार टीम ने मुलाकात के दौरान सलाह दी थी कि परिवार की स्थिति को देखते हुए पति-पत्नी को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। महिला ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि उसे रोगी कल्याण समिति, जिला अस्पताल सतना में रोजगार दिया जाए, ताकि वह अपने बेटे का इलाज और परिवार का पालन-पोषण कर सके।


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