सतना जनसुनवाई में जिला अस्पताल के एमएलसी और भर्ती दस्तावेज न्यायालय भेजने की मांग उठी। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। भूमि, बिजली, पानी, पेंशन और योजनाओं से जुड़ी शिकायतें भी आईं।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत नागौद में अधिकारियों ने जनसुनवाई कर 96 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। करीब 800 लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का मौके पर निराकरण हुआ, आयुष्मान कार्ड बनाए और विकास कार्यों की समीक्षा हुई।
सतना में जनसुनवाई के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन और ईपीएफ अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। आशा कार्यकर्ता ने लंबित ज्वाइनिंग की गुहार लगाई, जबकि एक मां ने बीमार बेटे के इलाज के लिए रोजगार मांगा।
सतना में लग्जरी गाड़ियां, ज्वेलरी दुकान और आलीशान मकान होने के बावजूद गरीबी रेखा में नाम होने की शिकायत पर कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए। जनसुनवाई में मामले ने प्रशासन को चौंकाया।
रीवा के नए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पदभार संभालते ही गांव पहुंचकर अनोखी पहल की। जतरी में कलेक्ट्रेट लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर समाधान के निर्देश दिए।
रीवा कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में युवक ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर सड़क निर्माण की मांग उठाई। दो साल से अधूरी सड़क, मुआवजा और पुल न बनने से गांव के लोग परेशान हैं।
भोपाल कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने जमकर हंगामा किया। यही नहीं, महिला ने चीख-चीखकर यह भी कहा कि मैं विधायक हूं। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। हालांकि इस बीच महिला को पुलिसकर्मी और महिला गार्ड समझाती रही, लेकिन वह नहीं मानी, हंगामा जारी रखा।
सतना जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में इस बार फरियादियों की संख्या सौ से भी कम रही। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार ने 75 आवेदकों की समस्याएं सुनीं, जिनमें गुमशुदा बेटे की तलाश, भूमि सीमांकन, स्वत्व भुगतान, अवैध कब्जा, वेतन न मिलने जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
सिंगरौली जिले में एनसीएल गोरबी बी ब्लॉक में काम कर रही क्लाउड टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर मजदूरों का शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सुपरवाइजरों द्वारा पासबुक, एटीएम और चेक बुक जब्त कर मजदूरी का आधा पैसा हड़पने की शिकायत मजदूरों ने कलेक्टर से की है।
सतना और मैहर में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में 168 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुँचे। सर्वाधिक आरोप पटवारियों और तहसीलदारों पर गोलमोल जवाब देने और कार्रवाई न करने के लगे। महिलाओं ने पति और ससुराल पर प्रताड़ना के आरोप लगाए, वहीं जमीन, आवास और योजनाओं से जुड़े कई मामले सामने आए।






















