सतना में मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत खाद्यान्न उठाव में गंभीर लापरवाही सामने आई। तय समयसीमा में परिवहन पूरा न होने पर प्रशासन ने पेनाल्टी और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी।
By: Star News
Jan 20, 20263:49 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत जिले में खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन का रुख पूरी तरह सख्त हो गया है। विभिन्न सेक्टरों में उठाव कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, इधर तय समयसीमा और दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि कई सेक्टरों में अब भी 100 प्रतिशत उठाव पूरा नहीं हो सका है, जबकि निर्धारित समयसीमा काफी पहले समाप्त हो चुकी है।
प्रशासनिक समीक्षा में सामने आया कि सेक्टर क्रमांक-14 के हितग्राही विकास कुमार दाहिया द्वारा 90 फीसदी उठाव किया गया है। सेक्टर क्रमांक-22 में अतुल तिवारी ने 83 फीसदी, सेक्टर क्रमांक-2 में अरुणेश सिंह ने 90 फीसदी, सेक्टर क्रमांक-21 में प्रदीप पटेल ने 79 फीसदी तथा सेक्टर क्रमांक-5 में प्रह्लाद पटेल ने 91 फीसदी उठाव दशार्या है। इसी तरह सेक्टर क्रमांक-1 में सुरेश कुमार पटेल ने 91 फीसदी उठाव किया है। हालांकि कुछ सेक्टरों की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। सेक्टर क्रमांक-18 में अरुणेन्द्र सिंह द्वारा मात्र 44 फीसदी उठाव किया गया है, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा है। सेक्टर क्रमांक-19 में राजकुमार पयासी ने 85 फीसदी, सेक्टर क्रमांक-20 में शैलेन्द्र सिंह ने 76 फीसदी, सेक्टर क्रमांक-4 में महेन्द्र सिंह ने 92 फीसदी, सेक्टर क्रमांक-3 में सिद्धार्थ राघव ने 80 फीसदी, सेक्टर क्रमांक-17 में अतुल त्रिपाठी ने 92 फीसदी तथा सेक्टर क्रमांक-16 में माधव मिश्रा ने केवल 79 फीसदी उठाव किया है।
परिवहन में लापरवाही उजागर
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो अधिकांश सेक्टरों में 90 प्रतिशत से कम उठाव होना यह बताता है कि परिवहन कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। समय पर खाद्यान्न का परिवहन न होने से उचित मूल्य दुकानों तक राशन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर राशन वितरण में देरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
सख्त कार्रवाई करेंगे
मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड के जिला प्रबंधक पंकज बोरसे का यह भी कहना है कि संबंधित हितग्राहियों को बार-बार दूरभाष के माध्यम से चेताया गया, अतिरिक्त वाहन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, इसके बावजूद स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ। इसे त्रिपक्षीय अनुबंध की कंडिका 07 का उल्लंघन मानते हुए अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
30 फीसदी लगाएंगे पेनाल्टी
जिन सेक्टरों में लगातार लापरवाही सामने आ रही है, वहां कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं या शीघ्र जारी किए जाएंगे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में मासिक किराये का अधिकतम 30 प्रतिशत तक पेनाल्टी लगाने के साथ ही ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई भी की जा सकती है।