सतना जिला अस्पताल के आईसीयू में एसी फेल होने से मरीज गर्मी में तड़पते रहे। बिजली कटौती से हालात बिगड़े, परिजन हाथ पंखों से राहत देते दिखे, प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठे।
रीवा-रानी कमलापति रेवांचल एक्सप्रेस में कोच संरचना बदली जा रही है। एसी थ्री इकोनॉमी कोच जोड़ने से यात्रियों को सस्ती और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी, यह बदलाव जून से लागू होगा।
सतना में एमएसटी लेकर यात्री एसी और स्लीपर कोच में कर रहे सफर, आरक्षित यात्रियों को हो रही परेशानी, रेलवे और आरपीएफ ने एक माह का विशेष जांच अभियान शुरू किया
अब ट्रेनों का सफर भी सुरक्षित नहीं रह गया है। रेलवे के तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। ट्रेनों में विशेष सुरक्षा के बाद भी चोरी की वारदातें आम बात हो गई हैं। इससे रेलवे पर भी सवाल उठने लगा है। दरअसल, ट्रेनों से पुलिस-पब्लिक के साथ अब पूर्व सांसदों का भी सामान चोरी होने लगा है।
Indian Railway Fare Hike 2025: 26 दिसंबर से जनरल, मेल/एक्सप्रेस और AC ट्रेनों का किराया बढ़ेगा। लोकल ट्रेन और MST यात्रियों को राहत।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी और संजय गांधी अस्पताल में करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीनें समय से पहले खराब हो गईं। सीटी स्कैन की प्रेशर इंजेक्टर मशीन चार महीने से बंद है, वहीं 13 करोड़ की एमआरआई मशीन का एसी सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है, जिससे मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है।
भोपाल के लालघाटी चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे सौंदर्यीकरण के लिए लगे एसीपी पैनल में आग लग गई, जिससे ट्रैफिक रुक गया। तीन दमकलों ने आग पर काबू पाया। जान-माल का नुकसान नहीं, लेकिन राजा भोज थीम वाले सौंदर्यीकरण को क्षति।
रीवा में स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आनंदम प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ 25 कूलर लगाए गए लेकिन 50 का बिल लगाया गया, वहीं 2 एसी को बढ़ाकर 12 दिखाया गया। जांच में मैट, कुर्सी, गद्दा, तकिया तक की संख्या में हेरफेर मिला। 32 लाख फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
सतना जंक्शन पर क्षिप्रा एक्सप्रेस में यात्रियों ने एसी खराब होने पर जमकर हंगामा किया। 12 घंटे तक बंद रहे एसी से परेशान यात्रियों ने कई बार चैन पुलिंग की। रेलवे ने अतिरिक्त इंजन लगाकर पावर सप्लाई दी, जिसके बाद ट्रेन रवाना हो सकी। रेल व सिटी पुलिस को हालात काबू में करने बुलाना पड़ा।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एचएसीएल आउटसोर्स कर्मचारी मरीजों को रसीद, रिपोर्ट और व्यवहार से कर रहे परेशान। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं, मारपीट तक की नौबत।






















