सतना में स्वच्छता अभियान तेज। गंदगी फैलाने वालों पर स्पॉट फाइन, दुकानदारों और वार्डों में 12,500 रुपये जुर्माना वसूला।
सतना की फल-सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। सड़े कचरे और दुर्गंध से व्यापारी व ग्राहक परेशान हैं, जबकि नियमित सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
सतना जंक्शन में 1 जून से नया सफाई ठेका लागू होने के बाद भी स्टेशन की साफ-सफाई की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। जबलपुर मंडल के एसीएम धर्मेन्द्र सिंह ने निरीक्षण में गंदगी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और ठेकेदार कंपनी पर बार-बार पेनाल्टी लगाई जा रही है।
कोठी नगर परिषद का हाल यह है कि गंदगी की नदियां सीधे तहसील कार्यालय तक बह रही हैं। नालियां वर्षों से साफ नहीं हुईं, सड़कें गंदे पानी में डूबी हैं और स्वच्छता अभियान सिर्फ दीवारों पर लिखे नारों तक सिमट गया है। नगर परिषद का ब्रांड एंबेसडर बनाने के बाद भी हालात जस के तस हैं। जनता में आक्रोश है और अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के मर्चुरी मार्ग पर खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। जहां मरीजों और मृतकों के परिजन गुजरते हैं, वहां गंदगी और बदबू से हाल बेहाल है। स्वच्छता के नाम पर ठेका व्यवस्था की पोल खोलती यह तस्वीर प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है।
सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली गंदगी और दुर्गंध ने मरीजों के साथ डॉक्टरों को भी परेशान कर दिया है। चारों ओर अव्यवस्थाएं और आवारा कुत्तों का जमावड़ा अस्पताल के हालात को और खराब कर रहा है। बिजली, जनरेटर और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। वहीं अमरपाटन सिविल अस्पताल में झाड़फूंक जैसी घटनाएं स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
सतना जंक्शन की सफाई व्यवस्था बदहाल, स्टेशन पर मक्खियों और गंदगी से संक्रमण का खतरा बढ़ा। ठेका फर्म पर लाखों की पेनाल्टी, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति।
सतना रेलवे स्टेशन की गंदगी को लेकर एक यात्री के ट्वीट के बाद रेल प्रशासन ने सफाई ठेकेदार पर ₹500 का जुर्माना लगाया। दिल्ली की फर्म अलर्ट इंटरप्राइजेज पर एक महीने में कुल ₹3.75 लाख की पेनाल्टी लग चुकी है, लेकिन सफाई व्यवस्था अब भी नहीं सुधरी है।
सतना स्टेशन के प्लेटफार्म 1 में हफ्ते भर से खुदी नाली, हादसे का खतरा, जिम्मेदारी किसकी?





















