मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता ज्वला के चार शावकों की मौत हो गई है। शावकों के शव आधे खाए हुए मिले हैं, जिससे शिकारियों के हमले की आशंका जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 मई सोमवार को श्योपुर में कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े से दो मादा चीतों को सुबह कूनो नदी के समीप स्थित साइट से खुले जंगल में मुक्त करेंगे। साथ ही कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण भी करेंगे
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में संरक्षण के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। भारतीय मूल की मादा चीता मुखी ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म देकर न केवल कूनो बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण रच दिया है।
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर दो चीते जाखदा गाँव में घुस गए और एक बछड़े का शिकार कर लिया। जानें कैसे ग्रामीणों में दहशत फैली और वन विभाग ने क्या कार्रवाई की।
मध्यप्रदेश में चीतों का बढ़ता कुनबा अब पालतू पशुओं के लिए काल बनता जा रहा है। इससे पशु पालकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि वन विभाग की टीम अपने स्तर पर चीतों की निगरानी कर रही है, लेकिन चीते लगातार गांवों की तरफ रुख कर रहे हैं। इससे लोगों में दहशत भी देखी जा रही है।
मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाई गई मादा चीता 'नाभा' की मौत हो गई है। वन विभाग के अनुसार, शिकार के दौरान गंभीर रूप से घायल होने से उसकी हड्डियां टूट गई थीं। इस घटना से 'प्रोजेक्ट चीता' को एक और बड़ा झटका लगा है।



















