मध्य प्रदेश गृह विभाग ने जारी की IPS अधिकारियों की तबादला सूची। आशुतोष बागरी को बुरहानपुर SP और राकेश सगर को PHQ में DIG की जिम्मेदारी मिली है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार 2026 की नई तबादला नीति लाने की तैयारी में है। मई से तबादलों पर लगी रोक हट सकती है। जानें 10% की सीमा और प्रभारी मंत्रियों की नई भूमिका के बारे में
मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारियों को संभाग प्रभारी नियुक्त किया है। देखें पूरी सूची और प्रभार।
West Bengal Assembly Election 2026 के मद्देनजर चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जानें नए अधिकारियों की पूरी सूची और चुनाव की तारीखें
30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के तहत 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। जानें योजना की डिटेल्स और कार्यक्रम की जानकारी।
राज्य शासन द्वारा अगस्त में जारी स्थानांतरण आदेशों के दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन कई अधिकारी अब तक नई पदस्थापना पर नहीं पहुंच पाए हैं। त्योंथर एसडीएम पी.एस. त्रिपाठी को एडीएम सिंगरौली बनाया गया, पर डिप्टी कलेक्टर की अनुपस्थिति के कारण वे मुक्त नहीं हो पा रहे। इसी तरह अनुराग तिवारी का सतना तबादला भी अटका हुआ है। जबकि कुछ अधिकारियों ने रीवा में आमद दर्ज करा ली है, बाकी अब तक पुराने पदों पर ही जमे हुए हैं।
12वीं परीक्षा में फर्स्ट आने वाले 7832 विद्यार्थियों को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़ा तोहफा दिया। भोपाल में हुए समारोह में उस्थित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की गई। प्रदेश में बाकी विद्यार्थियों के बैंक अकाउंट में स्कूटी खरीदने के लिए राशि ट्रांसफर की गई।
मध्यप्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 20 IPS अधिकारियों का तबादला किया गया है। जानिए गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कौन-कौन से डीआईजी और एसपी बदले गए हैं, और नए पुलिस अधीक्षकों की सूची।
रीवा संभाग के पुलिस महकमे में इन दिनों सोशल मीडिया शेरनी-टाइगर की जुगलबंदी, प्रमोशन की उम्मीदें, तबादलों की बेचैनी और रसूखदार थानेदारों की सिफारिशों का दौर चर्चा में है। पढ़िए अमित सेंगर का 'थर्ड डिग्री' कॉलम - व्यंग्य में लिपटी हकीकत।
पत्रकार धीरेंद्र सिंह राठौर के ब्लॉग पावर गैलरी में पढ़िए — कैसे एक नेता जी दो चुनाव हारने के बाद बिजली के मीटरों की चिंगारी से फिर राजनीति में कूद पड़े हैं। साथ ही जानिए कि कैसे सरकारी कर्मचारी ट्रांसफर के बाद भी अधर में लटके हैं, अफसरशाही ने जनप्रतिनिधियों को बेबस कर दिया है और सरपंच साहब ने पंचायत भवन को दुकान में बदल डाला है।




















