मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस की एक सीट पर विंध्य क्षेत्र के नेताओं की दावेदारी बढ़ी, जिससे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की मांग फिर चर्चा में है।
कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर सर्वे में ईवीएम पर जनता ने मजबूत भरोसा दिखाया। इस सर्वे के सामने आने के बाद भाजपा ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।
हर नागरिक अपने भूले हुए वित्तीय साधनों को आसानी से वापस पा सके। यह एक मौका है अपने भूले हुए पैसे को नए अवसर में बदलने का। इसके साथ ही उन्होंने कहा- मैं लोगों से आह्वान करता हूं कि वे आपका पैसा, आपका अधिकार अभियान में जरूर भाग लें।
भाजपा महिला मोर्चा की नई प्रदेश अध्यक्ष के शपथ ग्रहण के बाद सतना जिले में जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों से लेकर मंडल पदाधिकारियों और वर्तमान पार्षदों तक कई नाम चर्चा में हैं। संगठन अनुभव, जातीय समीकरण और मिशन 2028 के मद्देनज़र जिला नेतृत्व के चयन पर गहन मंथन जारी है।
मध्य प्रदेश में भाजपा ने निगम मंडलों में नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएम डॉ. मोहन यादव को हरी झंडी मिल चुकी है। सत्ता-संगठन ने तय किया है कि जिन्हें निगम मंडल में जगह मिलेगी उन्हें संगठन में जगह नहीं मिलेगी।
डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट से मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विंध्य से नए चेहरों के शामिल होने की अटकलें तेज हैं। सतना, रीवा, सीधी, शहडोल और उमरिया के कई विधायक दावेदारी में हैं। जातीय समीकरण और चुनावी रणनीति तय करेगी तस्वीर।
सतना में भाजयुमो जिला अध्यक्ष पद के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवा दावेदार सामने आए हैं। आदित्य यादव, हर्षित सिंह बिसेन, आदित्य सिंह टीकर, प्रियंक त्रिपाठी, अतुल शुक्ला जैसे नाम चर्चा में हैं। नियुक्ति 2028 की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखकर होगी।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब उपराष्ट्रपति पद के दावेदारों की दौड़ तेज हो गई है। तारीखों की घोषणा के बाद अब उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस बीच उपराष्ट्रपति पद के संभावित नामों को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं।
प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में यह चर्चा है कि क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या किसी नए वरिष्ठ अधिकारी को शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।
देशभर में बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़क से लेकर, घर, दुकान और कार्यालय सब पानी-पानी नजर आ रहे हैं। सड़कों पर फर्राटे मारने वाल वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं शासन-प्रशासन के तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं।






















