प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में यह चर्चा है कि क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या किसी नए वरिष्ठ अधिकारी को शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

अनुराग जैन मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर अगस्त 2025 तक रहेंगे।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
अगस्त में मुख्य सचिव अनुराग जैन रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही सत्ता के गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या उन्हें एक्सटेंशन मिलेगा या राज्य को एक नया प्रशासनिक मुखिया मिलेगा। दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार ने हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को सेवानिवृत्ति के दिन ही एक साल का सेवा विस्तार दिया, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को तीन माह का विस्तार मिला। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार नहीं दिया गया। ऐसे में मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गौरतलब है कि 1989 बैच के आईएएस जैन को, जब वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे, सितंबर में मुख्य सचिव के रूप में लाया गया था। उन्हें व्यापक रूप से केंद्र द्वारा समर्थित पसंद के रूप में देखा गया था, और इसने संभावित एक्सटेंशन की बात को हवा दी है।
31 अगस्त को होंगे रिटायर
प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में यह चर्चा है कि क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या किसी नए वरिष्ठ अधिकारी को शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। जैन को पिछले वर्ष सितंबर में उस समय मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, जब वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर थे। उनकी नियुक्ति को केंद्र की प्राथमिकता माना गया था। यही वजह है कि अब उनके संभावित सेवा विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
यदि अनुराग जैन को सेवा विस्तार नहीं मिलता है, तो नए मुख्य सचिव के रूप में डॉ. राजेश राजौरा और अलका उपाध्याय के नामों की चर्चा है। राजेश राजौरा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजौरा वर्तमान में नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर मुख्य सचिव और उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ है। वहीं अलका उपाध्याय केंद्र सरकार के मंत्रालय में कार्यरत हैं। जब अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब राज्य में नई सरकार बनी ही थी और उन्हें मुख्यमंत्री की पसंद के बजाय केंद्र से आए निर्देश के आधार पर चुना गया था।
अब जबकि मुख्यमंत्री लगभग 20 माह से पद पर हैं और प्रशासनिक ढांचे से पूरी तरह परिचित हो चुके हैं, ऐसे में वे अपनी प्राथमिकता के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। पिछले वर्षों में प्रदेश में कई मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार मिल चुका है। इनमें आर परशुराम, बीपी सिंह, इकबाल सिंह बैंस और वीरा राणा शामिल हैं। वीरा राणा की सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन ही केंद्र से निर्देश आने के बाद अनुराग जैन की नियुक्ति की गई थी।
जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं के मामले को संभालने को लेकर भी मौजूदा मुख्य सचिव कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठे थे। हालांकि, सरकार ने बाद में मंत्री को क्लीन चिट दे दी, लेकिन यह माना गया कि पूरे प्रकरण को सही ढंग से नहीं संभाला गया।
अनुराग जैन के साथ अगस्त में जेएन कंसोटिया भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कंसोटिया 12 अगस्त को 60 साल के हो जाएंगे। जैन और कंसोटिया दोेनों ही अधिकारियों ने 21 अगस्त 1989 को एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइंन की थी। अब दोनों ही सेवा नियमों के अनुसार 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। हालांकि मुख्य सचिव के लिए प्रदेश में पदस्थ और केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अन्य आईएएस भी दावेदारों में शामिल है। अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सीएस के नाम को लेकर चौंकाने वाले निर्णय लिए गए है।


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