सतना में धान उपार्जन अंतिम चरण में है। पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की संभावना, केंद्रों पर रखे लाखों टन धान की सुरक्षा चुनौती।
सतना में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेज है, लेकिन परिवहन सुस्त पड़ने पर नागरिक आपूर्ति निगम ने ठेकेदार पर 32.88 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई।
सिकमी पंजीयन सत्यापन लंबित रहने से नाराज किसानों ने सतना के सर्किट हाउस चौराहे पर तीन घंटे प्रदर्शन कर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया, समाधान अब भी अधूरा।
सतना जिले में धान उपार्जन के बीच परिवहन की धीमी गति चिंता का विषय बन गई है। 21 समितियों में परिवहन 30 से 50 फीसदी के बीच अटका है, जबकि 9 केंद्र 30 फीसदी से भी कम पर हैं। इससे किसानों के भुगतान, भंडारण व्यवस्था और मिलिंग चक्र पर सीधा असर पड़ रहा है।
सतना जिले के शिवराजपुर सेवा सहकारी समिति केंद्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सहायक समिति प्रबंधक कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करते दिख रहे हैं। तहसीलदार के निरीक्षण में धान तौल, बोरी वजन और नमी मानकों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद यह मामला चर्चा में है।
सतना–मैहर में धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई, गिनाई, सिलाई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मानक से अधिक तौल, धान में मिलावट, भुगतान में देरी और सम्मान निधि की कथित चौथ वसूली ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सतना-मैहर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कहीं बिना केंद्र स्थापित हुए खरीदी की तैयारी तो कहीं बिना तौल और मानक से अधिक वजन की शिकायतें मिली हैं। वायरल वीडियो के बीच कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।



















