सतना–मैहर में धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई, गिनाई, सिलाई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मानक से अधिक तौल, धान में मिलावट, भुगतान में देरी और सम्मान निधि की कथित चौथ वसूली ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
धान उपार्जन के काम में लगी समितियों को लूट की समितियां कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां पर तौलाई, गिनाई और सिलाई के नाम पर किसानों से रुपया मांगा जा रहा है। रकम कम ही होती है लेकिन प्रति बोरी में यह अधिक पड़ती है जिसके चलते हर एक किसान तो अपनी धान बेचने पहुंचा है। उसे प्रति बोरी चढ़ोत्तरी तक देनी पड़ती है।
पल्लेदारी में भी लूट मची
समितियों में पहुंची हुई धान को तौलाई के लिए ले जाने से लेकर स्टॉक में रखने तक लूट की जा रही है। जिला में चल रही धान खरीदी में लगी समितियां जिसमें स्व सहायता समूह हैं उनमें पल्लेदारी को लेकर भी वसूली की जा रही है। शहर की सीमा से 10 किलोमीटर की त्रिज्या में यह लूट जबरदस्त तरीके से हो रही है। गांव इलाके में तो हालात और भी बिगडेÞ हुए हैं। मझगवां ब्लाक के जैतवारा के पास सिमरावल नदी के ऊपर बने खरीदी केन्द्र में पल्लेदारी के नाम पर 5 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से रुपया लिया जा रहा है। यह राशि किसान को ही चुकानी पड़ रही है। इस बात की शिकायत यहां पहुंचने वाले किसानों ने की थी इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सम्मान निधि की चौथ वसूली
सरकार दो तरीके से किसानों को सम्माननिधि दे रही है। इसकी किश्तों के इंतजार में जहां समय कटता है वहीं धान खरीदी केन्द्रों में इसकी चौथ वसूली जा रही है। साल भर में 10 हजार रुपए की सम्मान निधि धान केन्द्रों में प्रति बोरी में खर्च हो जाती है। इस तरह से दो सीजन की खरीदी में ही सरकार की सम्मान निधि खर्च हो जाती है। इस पर भी किसान नाराज है कि एक तरफ सरकार सम्मान दे रही है दूसरी तरफ समितियां लूट
रहीं हैं।
ऐसा-ऐसा भी हुआ
केस एक: उचेहरा की गंगा महिला के उपार्जन केन्द्र में जिला प्रबंधक की टीम ने निरीक्षण में सर्वेयर की मौजूदगी में धूल-मिट्टी से भरी धान बोरियों में पैक की जा रही थी।
केस दो: हाटी की सेवा सहकारी समिति द्वारा धान उपार्जन चल रहा था। यहां उपार्जन समिति यूनिट टू की टीम पहुंची जहां पर काले रंग की धान की बेतहाशा पैकिंग हो रही थी। यहां भी सर्वेयर मौजूद रहा।
केस तीन: मैहर जिला के अमरपाटन और मझगवां में संचालित उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण के दौरान एक ही तरह की गड़बड़ी मिली। टीम को दोनों ही केन्द्रों में धान में कंकड़ और पत्थर के छोटे-छोटे टुकडेÞ मिले थे।
इधर, मानक से अधिक तौलाई
केस एक : सतना जिला के सहकारी समिति लगरगवां का उपार्जन केन्द्र सेमरी दुबे गांव के एसडी वेयरहाउस चल रहा है। जिसके कांटे में 41 किलो 200 ग्राम की धान तौल की जा रही थी।
केस-दो: मैहर जिला के सहकारी समिति मझगवां (अमरपाटन) के उपार्जन केन्द्र धनलक्ष्मी वेयर हाउस में 1 किलो 200 ग्राम की अतिरिक्त तौल भी की जा रही थी।
2.91 मीट्रिक टन धान खरीदी, 1.05 अब भी केंद्रों पर
सरकारी समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत रफ़्तार के पहिये में फंसी दिख रही है। ताजा उपार्जन रिपोर्ट बताती है कि जिलाा में 64,178 किसानों के पंजीकरण के मुकाबले अब तक 42,226 किसानों से खरीदी पूरी की जा चुकी है। सरकारी खरीदी का आंकड़ा 2.91 मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है, पर अनाज की इस पहाड़-सी खेप को मंडियों से गोदामों तक ले जाने वाला सिस्टम अब भी हांफ रहा है। उपार्जन के बाद 2.65 मीट्रिक टन धान को रेडी-टू-ट्रांसपोर्ट श्रेणी में डालकर परिवहन योग्य घोषित किया, लेकिन अब तक केवल 1.85 मीट्रिक टन ही केंद्रों से उठ सका। इसका मतलब साफ है पार्जित मात्रा के हिसाब से 1.05 मीट्रिक टन धान अभी भी खरीदी केंद्रों पर ढेर बनाकर पड़ा है, जबकि रेडी टू ट्रांसपोर्ट सूची के आधार पर भी 79 मीट्रिक टन परिवहन की बाट जोह रहा है। रेडी टू ट्रांसपोर्ट के मानक पर परिवहन की प्रगति महज 69.89% दर्ज की गई है यानी सरकारी तंत्र अभी 70% की सीमा भी नहीं छू पाया। ये आंकडेÞ नहीं बल्कि उपज केंद्रों पर मौसम की नमी, बोरी की कमी, लेबर की अनिश्चितता और उठाव की देरी से रोज दम तोड़ रही है।
गोदामीकरण के लिए 26 मीट्रिक टन
रिपोर्ट की एक बात और है चुभती है। धान की प्रशासनिक स्वीकृति/ अप्रूवल की दर 85.91% तक पहुंच गई है, पर 26.1 मीट्रिक टन धान अब भी स्वीकृति की प्रक्रिया में फंसा है। मतलब साफ है कि इतनी मात्रा में धान गोदामी करण के इंतजार में है। इसकी भी लंबी प्रक्रिया है जिस पर जिम्मेदार काम कर रहे हैं।
इधर, 21 हजार किसानों का भुगतान बाकी
धान उपार्जन में अपने धान बेचने के इंतजार के साथ साथ सम्मान निधि की चौथ वसूली झेल रहे किसानों को भुगतान के लिए भी आंखें लगाए रहना पड़ता है। ऐसा इसलिए है कि खरीदी के बाद 7 दिन में भुगतान का मैसेज तो आता है लेकिन 15 दिन का समय लग जा रहा है। जानकारी के मुताबिक जिला के 21 हजार से भी अधिक किसानों को अब तक भुगतान नहीं हो सका है। जबकि 42 हजार से भी अधिक किसानों ने अपनी उपज बेच चुके हैं। आंकड़ों की मानें तो 20 हजार से भी अधिक किसानों को 287.98 करोड़ रुपए बतौर उपार्जन दिया गया है। जबकि 349.45 करोड़ का भुगतान बाकी है। इस तरह से 21 हजार 4 सौ 11 किसानों को उपज का भुगतान पाने का इंतजार है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।
भोपाल के DPI परिसर में शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन। पदवृद्धि और जॉइनिंग की मांग पर अड़े वर्ग 2-3 के परीक्षार्थी। तेज धूप में महिला अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी।