सतना नगर निगम के विशेष सम्मेलन में बजट और सम्पत्ति कर वृद्धि को लेकर टकराव के संकेत हैं। विपक्ष संशोधन प्रस्ताव ला सकता है, जबकि पार्षद निधि और विकास कार्यों पर भी माहौल गरमाने की संभावना जताई जा रही है।
सतना नगर निगम के 2026-27 बजट को एमआईसी ने मंजूरी दी है, जिसमें 19 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्षों के रुझान को दर्शाता है और दबाव बढ़ाता है।
नगर निगम सतना में महापौर-आयुक्त विवाद ने फिर तूल पकड़ा, पुराने ममता पांडेय-प्रतिभा पाल टकराव की यादें ताजा, ज्ञापन से बढ़ी राजनीतिक हलचल।
नगर निगम सतना को 39 दिनों में 10 करोड़ की सम्पत्ति कर वसूली करनी है, 66 हजार से अधिक सम्पत्तियों पर अब भी बकाया है, सख्ती और कुर्की की चेतावनी।
सतना शहर के कई इलाकों में इन दिनों गंदे पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। नगर निगम के अनुसार, इस समस्या की मुख्य वजह पेयजल व्यवस्था नहीं बल्कि शहर में चल रहे निर्माण और विकास कार्य हैं, जिनके चलते कई स्थानों पर पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
सतना नगर निगम ने बड़े सम्पत्तिकर बकायादारों पर सख्ती बढ़ाई, टैक्स न देने पर नल कनेक्शन काटने की चेतावनी।
सतना में स्वच्छता अभियान तेज। गंदगी फैलाने वालों पर स्पॉट फाइन, दुकानदारों और वार्डों में 12,500 रुपये जुर्माना वसूला।
मेयर इन काउंसिल की बैठक में गबन के मामलों पर तीखी प्रतिक्रिया, जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश।
सतना में दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इंदौर जैसी घटना की आशंका जताते हुए नगर निगम से त्वरित सुधार और सतर्कता की मांग की गई।
सतना में कृषि उपज मंडी समिति और नगर निगम के बीच संपत्तिकर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर निगम ने 1997 से 2026 तक का 36.55 लाख रुपये कर बकाया बताते हुए नोटिस जारी किया है, जबकि मंडी समिति ने इसे अवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश और मंडी अधिनियम का हवाला दिया है।






















