सतना नगर निगम के विशेष सम्मेलन में बजट और सम्पत्ति कर वृद्धि को लेकर टकराव के संकेत हैं। विपक्ष संशोधन प्रस्ताव ला सकता है, जबकि पार्षद निधि और विकास कार्यों पर भी माहौल गरमाने की संभावना जताई जा रही है।
By: Yogesh Patel
Mar 30, 20263:02 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
नगर निगम का विशेष सम्मेलन मंगलवार को 11.30 बजे आयोजित किया जाएगा। पहले यह 30 मार्च को आयोजित किया जाना था लेकिन महावीर जयंती के अवकाश के चलते अब यह सम्मेलन 31 मार्च को होग। विशेष सम्मेलन के लिए दो प्रस्ताव लाए गए हैं। पहला प्रस्ताव तो बजट से जुड़ा है,जबकि दूसरा प्रस्ताव सम्पत्ति कर की दरों में वृद्धि का है। इनमें से सम्पत्ति कर के मुद्दे पर जमकर हंगामा हो सकता है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि बजट पर विपक्ष संशोधन प्रस्ताव ला सकता है। बजट को लेकर हुई देरी से सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों पार्षदों में आक्रोश है। पार्षदों की मानें तो इतने कम समय में वे बजट के प्रावधानों को कैसे पढ़ेंगे और यदि उन्हें कुछ संशोधन करवाना है तो कैसे कराएंगे?
पार्षद निधि पर भी गर्मा सकता है माहौल
इस बीच बजट प्रस्तावों पर चर्चा से पहले पार्षद निधि पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है। निकाय से जुड़े सूत्रों की मानें तो निगम के विशेष सम्मेलन में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के पहले भाजपा से जुड़े पार्षद नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना से मुलाकात कर सकते हैं। ये पार्षद, पार्षद निधि के संबंध में उनसे चर्चा करेंगे । गौरतलब है कि विकास कार्यों की फाइलों को लेकर एमआईसी की बैठक में भी गंभीर चर्चा हुई थी, माना जा रहा है कि वार्डों में विकास की अटकी फाइलें करने पर कमिश्नर से पार्षद चर्चा कर सकते हैं और उन्हें उनके वार्ड से जुड़ी विकास की फाइलों को करने का आग्रह कर सकते हैं।
वापस ली जाए सम्पत्ति कर की प्रस्तावित बढोत्तरी
विशेष सम्मेलन में शामिल दूसरे एजेंडे सम्पत्तिकर की दरों में बढोत्तरी के प्रस्ताव पर जहां जमकर हंगामा हो सकता है वहीं नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामकुमार तिवारी ने प्रस्तावित वृद्धि को वापस लेने की मांग की है। पूर्व पार्षद व पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री तिवारी ने कहा कि एमआईसी द्वारा सम्पत्ति कर की दरों में की गई दस फीसदी की वृद्धि को वापस लिया जाए। श्री तिवारी ने कहा कि निगम की आय बढ़ाने के नाम पर सम्पत्ति कर की दरों में दस फीसदी की वृद्धि किसी भी तरह न्यायोचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निगम की आय बढ़ाने के लिए सम्पत्ति कर की वसूली पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी-बड़ी संस्थानों के लाखों बकाया हैं लेकिन उनसे वसूली नहीं हो पा रही है।