सतना जिले में अधूरे सड़क और पुल निर्माण कार्य लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। धीमी रफ्तार, धूल, जाम और खराब रास्तों से आमजन परेशान हैं, जबकि निर्माण कंपनियों की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
सतना में मेयर योगेश ताम्रकार ने वार्ड 14 में 49 लाख से बन रही नाली की गुणवत्ता जांचते समय पैर से ठोकर मारी तो पूरी नाली टूटकर गिर गई। डस्ट और कम सीमेंट से बने इस घटिया निर्माण कार्य को देख मेयर ने संविदाकार व इंजीनियर को फटकार लगाते हुए काम दोबारा करने के आदेश दिए।
गौरिहार सहित प्रदेश की ग्राम पंचायतों में उपयंत्रियों की हड़ताल के चलते मनरेगा और अन्य निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। 73 पंचायतों में नियुक्त 6 उपयंत्रियों के काम बंद करने से भवन निर्माण, मूल्यांकन और ‘एक बगिया मां के नाम’ जैसी योजनाएं अधर में लटक गई हैं। मजदूरों को काम और मजदूरी दोनों से वंचित होना पड़ रहा है।
सतना और रीवा जिलों के हजारों किसानों के लिए महत्वपूर्ण बरगी नहर की टनल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सांसद गणेश सिंह ने स्लीमनाबाद में टनल स्थल का निरीक्षण कर जानकारी दी कि केवल 850 मीटर कार्य बाकी है, जो दिसंबर 2025 से पहले पूर्ण कर लिया जाएगा। तकनीकी अमला युद्धस्तर पर कार्यरत है और जल्द ही नर्मदा जल इन जिलों की नहरों में प्रवाहित होने लगेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सतना में 4449 लाख रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें सड़कें, सामुदायिक भवन, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र और आईटी सेंटर शामिल हैं। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी रहेंगे मौजूद।
सतना नगर निगम क्षेत्र में हाल ही में बनी सड़कें पहली ही बरसात में उखड़ गईं। टिकुरिया टोला, नवदुर्गा चौक, स्टेशन रोड सहित कई क्षेत्रों में गड्ढों का अंबार, निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की अनदेखी उजागर।
सतना शहर के वार्ड क्रमांक 10 में बनी सीमेंटेड सड़क मात्र 7-8 महीनों में दरक गई। गुणवत्ता विहीन निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। जिम्मेदारों ने लापरवाही छिपाने के लिए दरारों पर सीमेंट का लेप भरवाया, पर सड़क की मजबूती अब संदेह में है।



















