भारत आज अर्थ आवर के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। 28 मार्च को रात 8:30 से 9:30 बजे तक दिल्ली के इंडिया गेट से लेकर मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया तक सभी प्रमुख स्मारक अंधेरे में रहेंगे। जानिए इस महाभियान के बारे में
23 मार्च "विश्व मौसम विज्ञान दिवस" पर विशेष आलेख। विस्तार से जानें कैसे मानवीय स्वार्थ प्रकृति का विनाश कर रहे हैं और बदलता मौसम क्यों पूरी जीवसृष्टि के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।
सतना के कृपालपुर में रिहायशी क्षेत्र में बने सीएनजी प्लांट का मामला संसद में गूंजा। सांसद गणेश सिंह की पहल पर जांच हुई, अनियमितताओं पर बीपीसीएल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सितपुरा क्षेत्र में रिलायंस बायो फ्यूल संयंत्र की जहरीली दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल, ग्रामीणों का आंदोलन का अल्टीमेटम।
महाशिवरात्रि पर सतना में पहली बार ग्रीन शिवरात्रि अभियान, मंदिर परिसर प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
सभी अपने मन से अलगाव और भेदभाव हटाएं। जो भी हिंदू हैं वो एक हैं। सभी मंदिर, जलस्त्रोत और श्मशान गृह सभी के लिए खुले रहें। किसी का मूल्यांकन उसकी जाति, संपत्ति या भाषा से न करें। सामाजिक समरसता हमारी मजबूती बने। हमें एक दूसरों के घर आना-जाना चाहिए। हमें संकटों पर चर्चा को विस्तार देने की बजाए उनके उपायों पर काम करना चाहिए।
भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने के लिए काटे जा रहे 7871 पेड़ों पर NGT ने 8 जनवरी तक रोक लगा दी है। जानें NHAI का 81 हजार पौधे लगाने का प्लान और विरोध प्रदर्शन के कारण।
केंद्रीय मंत्री ने कहा- अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज में क्या शामिल है, तो दुनिया भर के भूवैज्ञानिक, जो भूविज्ञान में काम करते हैं, रिचर्ड मर्फी द्वारा दी गई एक मानक परिभाषा को स्वीकार करते हैं कि 100 मीटर ऊंची पहाड़ी को पहाड़ माना जाता है।
सतना के वार्ड क्रमांक 16 कृपालपुर में प्रस्तावित सीएनजी गैस प्लांट को शहर से बाहर स्थापित करने की तैयारी है। जांच में नियमों के उल्लंघन, रिहायशी बस्ती, आंगनवाड़ी और नदी के नजदीक होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थापना निरस्त करने की अनुशंसा की है।
मनुष्य के जीवन का आधार पर्यावरण है, अगर पर्यावरण सुरक्षित होगा तो ही, जीवसृष्टी का संरक्षण संभव हैं। हमारे आसपास के वातावरण में मौजूद आवश्यक तत्वों की मौजूदगी पर्यावरण का अमूल्य हिस्सा है, जैसे - हवा, पानी, धूप, पहाड़, नदियां, समुद्र, जंगल, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, जमीन, आकाश, धातु, खनिज, हिमखंड व अन्य मिलकर पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाते हैं।






















