सतना के कृपालपुर में रिहायशी क्षेत्र में बने सीएनजी प्लांट का मामला संसद में गूंजा। सांसद गणेश सिंह की पहल पर जांच हुई, अनियमितताओं पर बीपीसीएल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
By: Yogesh Patel
Feb 27, 20263:46 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना लोकसभा क्षेत्र के सांसद गणेश सिंह ने हाल ही में संसद में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया था जिसमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कृपालपुर में रिहायशी इलाके में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) प्लांट के निर्माण पर चिंता जताई गई। सांसद ने इस संयंत्र को रिहायशी क्षेत्र से दूर करने और इसकी गहन जांच की मांग की थी। इस प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सांसद व सदन को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा चुकी है और आवश्यक कार्रवाई शुरू हो गई है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि कृपालपुर, सतना के रिहायशी इलाके में बीपीसीएल के सीएनजी संयंत्र के निर्माण से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के परामर्श से की गई है। जांच टीम ने क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें पर्यावरणीय प्रभाव, स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन पर फोकस किया गया। मंत्री के अनुसार, एमपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी सतना द्वारा स्थल का निरिक्षण किया गया। निरीक्षण रिपोर्ट में कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिनके आधार पर एमपीपीसीबी ने बीपीसीएल के सीएनजी संयंत्र के परियोजना प्रस्तावक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों रिहायशी क्षेत्र में संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है और पर्यावरणीय मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।
जवाब ठीक पर वो नजर रखेंगे
सांसद गणेश सिंह ने अपने प्रश्न में जोर देकर कहा कि सीएनजी प्लांट का निर्माण रिहायशी इलाके में होने से स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि संयंत्र को तत्काल दूर स्थानांतरित किया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। मंत्री श्री यादव ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू किए जाएंगे। इसमें पर्यावरणीय अनुमतियों की समीक्षा, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना और स्थानीय समुदाय की शिकायतों का समाधान भी शामिल है। सांसद गणेश सिंह ने मंत्री के जवाब पर संतोष जताया लेकिन कहा कि वे मामले पर नजर रखेंगे और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करेंगे।