रीवा के संजय गांधी अस्पताल में खून की भारी किल्लत। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे 10–15 दिनों से भर्ती, ब्लड न मिलने से जान का खतरा।
मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जलबलपुर में गरीब बच्चों के प्रवेश के नाम पर स्कूल संचालकों ने लाखों रुपए का खेला किया है। ईओडब्ल्यू की जांच में स्कूलों का घपला उजागर हो गया है। यहां शिक्षा के अधिकार को स्कूल संचालकों ने मजाक बनाकर रख दिया है। इससे प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है।
सतना जिले में कुपोषण गंभीर चुनौती बना हुआ है। 1357 बच्चे अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्रों में बेड खाली पड़े हैं। विभागीय समन्वय की कमी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। मानवाधिकार आयोग की टीम ने सतना और रीवा में दस्तावेज खंगालने के साथ कलेक्टर-एसपी से चर्चा कर निलंबित अधिकारियों के बयान दर्ज किए।
आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भारत की जनसंख्या और उससे देश को होने वाले फायदे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या में बढ़ोतरी और विदेशों में भारतीयों की सफलता वैश्विक प्रभुत्व की संभावना को दर्शाती है। यह तभी संभव है, जब पॉपुलेशन के रिप्लेसमेंट स्तर को बनाए रखा जाए।
नवनीत राणा का कहना है कि मैं यह बहुत साफ-साफ कह रही हूं, एक मौलाना है या कोई और... भगवान जाने कौन हैं, लेकिन वह खुलेआम कहता है कि उसकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। वह यह भी कहता है कि वह दुखी है क्योंकि उसे 35 बच्चे चाहिए थे।
मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है। इस बार चर्चा का मुख्य कारण बच्चों की मौत से जुड़ा है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने आनन-फानन में राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों से रिपोर्ट तलब की है।
सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य स्तरीय जांच के बाद ब्लड बैंक प्रभारी सहित तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया, जबकि सीएमएचओ को शोकॉज नोटिस जारी हुआ है।
मध्य प्रदेश के जोहद (विदिशा) के पास सगड़ नदी के 12 फीट ऊंचे पुल से स्कूली बस गिरने से 28 बच्चे घायल हुए। संकरे पुल पर साइड देने के दौरान हुआ हादसा; सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर, ड्राइवर फरार।
मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष-2020 के अनुरूप 799 स्कूलों को पीएमश्री विद्यालय के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन पीएमश्री विद्यालयों में 4 लाख 80 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पीएमश्री स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, लायब्रेरी, खेल उपकरण और कला कक्ष जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कराकर इनको आधुनिक रूप दिया गया है।






















