प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। जानिए इस खास मौके पर बच्चों के साथ पीएम मोदी की मस्ती, बातचीत के बारे में।
सतना में सैम बच्चों की भूख जांच और दस्तक अभियान की कमजोर प्रगति पर कलेक्टर ने हर 15 दिन संयुक्त समीक्षा के निर्देश दिए। खाद, अपार आईडी और सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा हुई।
सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। प्रशासन ने 196 संदिग्ध डोनरों की सूची तैयार कर दोबारा एचआईवी जांच शुरू कराई, जबकि कई डोनरों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में खून की भारी किल्लत। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे 10–15 दिनों से भर्ती, ब्लड न मिलने से जान का खतरा।
मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जलबलपुर में गरीब बच्चों के प्रवेश के नाम पर स्कूल संचालकों ने लाखों रुपए का खेला किया है। ईओडब्ल्यू की जांच में स्कूलों का घपला उजागर हो गया है। यहां शिक्षा के अधिकार को स्कूल संचालकों ने मजाक बनाकर रख दिया है। इससे प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है।
सतना जिले में कुपोषण गंभीर चुनौती बना हुआ है। 1357 बच्चे अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्रों में बेड खाली पड़े हैं। विभागीय समन्वय की कमी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। मानवाधिकार आयोग की टीम ने सतना और रीवा में दस्तावेज खंगालने के साथ कलेक्टर-एसपी से चर्चा कर निलंबित अधिकारियों के बयान दर्ज किए।
आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भारत की जनसंख्या और उससे देश को होने वाले फायदे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या में बढ़ोतरी और विदेशों में भारतीयों की सफलता वैश्विक प्रभुत्व की संभावना को दर्शाती है। यह तभी संभव है, जब पॉपुलेशन के रिप्लेसमेंट स्तर को बनाए रखा जाए।
नवनीत राणा का कहना है कि मैं यह बहुत साफ-साफ कह रही हूं, एक मौलाना है या कोई और... भगवान जाने कौन हैं, लेकिन वह खुलेआम कहता है कि उसकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। वह यह भी कहता है कि वह दुखी है क्योंकि उसे 35 बच्चे चाहिए थे।
मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है। इस बार चर्चा का मुख्य कारण बच्चों की मौत से जुड़ा है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने आनन-फानन में राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों से रिपोर्ट तलब की है।






















