सुंदरा-सेमरिया राज्य मार्ग और आसपास की सड़कों की हालत बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरी और जर्जर डामर से लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में केवल खानापूर्ति हो रही है। 20 किलोमीटर के इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
सतना शहर की सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। गड्ढों और पानी से भरी गलियां दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। ओवरब्रिज से लेकर सिविल लाइन और स्टेशन रोड तक हर रास्ता एक्सीडेंटल जोन बन गया है। नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से जनता त्रस्त और व्यापार चौपट है।
सीधी जिले के शासकीय हाई स्कूल कोतर कला में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शौचालय पांच बने होने के बावजूद कबाड़ में तब्दील हैं, छात्र-छात्राएं टाट-पट्टी में बैठने को मजबूर हैं। हाल ही में विद्यालय के भवन का छज्जा गिरने से एक छात्रा घायल हो गई। शिक्षा विभाग ने जांच और व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने का आश्वासन दिया है।
पन्ना जिले में शासकीय विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था पर हिंदू युवा वाहिनी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जर्जर भवन, खस्ताहाल शौचालय और पानी की समस्या को लेकर संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सतना जिले के स्वास्थ्य विभाग में हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य आयुक्त का नया आदेश अधिकारियों में खलबली मचा रहा है। जिले के केवल तीन डॉक्टरों को ही स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान मिला। वहीं 108 एम्बुलेंस सेवा "खटारा एक्सप्रेस" में तब्दील हो चुकी है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रशासन मौन है।
स्वास्थ सुविधाएं आम आदमी के पहुंच से दूर होती जा रही हैं। सरकार बड़े-बड़े अस्पतालों पर पानी की तहर पैसा खर्च करने का दावा कर रही है। इसके बाद भी कम वेतन और सुविधाओं के अभाव में डॉक्टर एम्स जैसे संस्थानों से इस्तीफा देकर निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
छतरपुर में मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली घटनाएँ: बारिश में शव का अंतिम संस्कार मुश्किल, मरीज को खाट पर उठाकर ले जाने की मजबूरी। जानिए क्यों प्रशासन के दावों पर उठे सवाल और मंत्री की प्रतिक्रिया।
सतना के रैगाँव क्षेत्र में स्थित सितपुरा–छींदा मार्ग की बदहाल दशा से छात्र, मरीज़ और हजारों ग्रामीण बेहाल; प्रशासन की उदासीनता पर लोग सड़क पर धान रोपकर विरोध की चेतावनी दे रहे हैं।
सतना जिले के नागौद तहसील के द्वारी खुर्द गांव में सड़क नहीं होने के कारण एक महिला को इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई। परिजन चारपाई पर मरीज को अस्पताल ले जा रहे थे। घटना राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र की है, जिससे प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।
रीवा शहर में सीवर लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन न होने से सड़कों की हालत बदतर हो गई है। कीचड़, गड्ढों और अव्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि नगर निगम की फटकार के बावजूद हालात जस के तस हैं।






















