जानिए देश के मानसून का हाल। जहाँ एक ओर राजस्थान, दिल्ली और एमपी में गर्मी बढ़ी है, वहीं पूर्वी भारत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ओडिशा और असम के ताजा हालात यहाँ पढ़ें।
मध्य प्रदेश में मानसून की भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त। इंदौर, खंडवा, हरदा और आष्टा समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, नदियों का जलस्तर बढ़ने से संपर्क कटा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही। 1 की मौत, 4 लापता। वायुसेना और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
सतना कलेक्टर ने मानसून से पहले बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, नालों की सफाई, नियंत्रण कक्ष और बचाव दलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर ने बाणसागर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्रों को 15 जून तक खाली कराने के निर्देश दिए। सभी जिलों को कंट्रोल रूम, राहत शिविर और आपदा प्रबंधन तैयारियां पूरी करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। बाढ़ राहत घोटाले में अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
देश के अधिकांश राज्यों में मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन कुछ राज्यों में अब भी बारिश-बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे जन-जीवन के साथ ही यातायात व्यवस्था भी चौपट हो गई है। यही नहीं, मौत का भी आंकड़ा बढ़ गया है। प्रमुख शहर पानी से लबालब नजर आ रहे हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड में देर रात और तड़के आपदा काल बनकर टूट रही है। अतिवृष्टि से जानमाल को भारी नुकसान हो रहा है। रात के अंधेरे में घटना होने पर लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाता है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के थाच गांव में गुरुवार देर रात बादल फटा।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में मानसून का कहर बरकरार है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि राजस्थान, गुजरात और पंजाब से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के देहरादून और अन्य इलाकों में बादल फटने से भारी तबाही हुई।






















