रीवा में अवैध घोषित कॉलोनी में नदी किनारे ग्रीन बेल्ट पर पार्टी लॉन निर्माण, प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण जारी, बीहर नदी किनारे निर्माण से पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा
रीवा बायपास के बीहर नदी पुल में गंभीर दरारें, 50 साल की उम्र वाला पुल 20 साल में ही क्षतिग्रस्त। निर्माण गुणवत्ता पर सवाल, मार्ग बंद, यातायात प्रभावित, मरम्मत में लंबा समय लगने की आशंका।
रीवा में बीहर नदी के किनारे अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रशासन द्वारा शाही रिवर व्यू कॉलोनी के लिए नदी की ओर निर्माण की स्पष्ट सीमा तय किए जाने और जेसीबी कार्रवाई के बाद भी बिल्डर ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया है।
घरों और नालों का गंदा पानी मिलने से रीवा की बीहर व बिछिया नदियां प्रदूषित, पानी पीने योग्य नहीं, बी कैटेगरी में दर्ज।
रीवा शहर के निपनिया मोहल्ले में बीहर नदी किनारे रविवार सुबह 22 फीट लंबा विशालकाय अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। मछली पकड़ने के जाल में फंसे इस अजगर को पार्षद सपना अशोक वर्मा और पूर्व पार्षद प्रकाश सोनी चिंटू की सूचना पर वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ा गया।
रीवा में शांति रॉयल स्टेट द्वारा बीहर नदी पर बनाई गई अवैध दीवार आखिरकार नदी की धार के सामने टिक नहीं पाई। प्रशासन और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत ने शहर को बाढ़ के खतरे में डाल दिया। नदी की धारा रोकने से शहर जलमग्न हो गया, ईको पार्क, बोदाबाग और सैनिक स्कूल तक पानी पहुंचा। सवाल उठता है—क्या अब भी कार्रवाई होगी या फिर अगली आपदा का इंतजार किया जाएगा?
रीवा जिले में मूसलाधार बारिश से बिछिया और बीहर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कई मोहल्ले जलमग्न हो गए, सड़कों पर पानी बह रहा है और राहत शिविरों में लोगों को शरण लेनी पड़ रही है। प्रशासन ने एनडीआरएफ के साथ रेस्क्यू शुरू किया है और कई इलाकों में अलर्ट जारी है।
बाणसागर बांध से बीहर और बिछिया नदी में पानी का प्रवाह रोकने से रीवा जिले की तीन विद्युत उत्पादन इकाइयां ठप हो गई हैं। इससे 360 केवीए बिजली उत्पादन रुक गया है और लाखों का नुकसान संभावित है। साथ ही पेयजल और कृषि कार्यों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।




















