जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
भारत की संसदीय समिति ने निजी अस्पतालों के सामान्य कमरे का किराया थ्री-स्टार होटल के बराबर करने की सिफारिश की है। जानिए क्या हैं इसके मायने।
RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा है। वैश्विक महंगाई और अनिश्चितताओं के चलते लोन और ईएमआई में फिलहाल कोई कटौती नहीं होगी।
भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई मापने का तरीका बदलने जा रहा है। सरकार पांच वर्षों में WPI को हटाकर उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) लागू करेगी। जानिए इसके मुख्य घटक और व्यापार पर असर।
सतना में आम 50 रुपये किलो तक सस्ता हुआ, लेकिन सेब, अनार और अन्य फलों की कीमतें ऊंची बनी हैं। बारिश से सप्लाई प्रभावित होने पर लोग अब बजट के अनुसार सीमित खरीदारी कर रहे हैं।
सतना कृषि उपज मंडी में तिल, उड़द, तुअर और मूंग के भाव मजबूत रहे। किसानों को बेहतर कीमत मिली, जबकि दाल और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाने का संकेत दे रही हैं।
RBI MPC Meeting Decisions: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। जानिए महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और प्लास्टिक नोटों को लेकर केंद्रीय बैंक की क्या योजना है।
रायबरेली पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बढ़ती महंगाई और पेट्रोल के दामों पर केंद्र को घेरा। कहा- देश में ऐसा आर्थिक शॉक आने वाला है जिससे सिर्फ अंबानी-अदाणी बचेंगे, गरीब नहीं।
अप्रैल 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर 3.48% पर पहुंच गई है। जानें खाने-पीने की चीजों के दाम और महंगाई मापने के नए फॉर्मूले का आम आदमी पर क्या असर होगा
ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए जनवरी 2026 से नया महंगाई भत्ता लागू। जानें जनवरी से मई तक के एरियर भुगतान और सैलरी कैलकुलेशन की पूरी जानकारी।






















