सीधी जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 53 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व या प्रसव बाद मौत दर्ज हुई। चिंताजनक आंकड़ों ने स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय संसाधनों और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रीवा में आयोजित कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मातृ मृत्यु दर को 70 से नीचे लाने का लक्ष्य बताया। संस्थागत प्रसव, नियमित जांच और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया।
मध्यप्रदेश के पिछड़े जिले पन्ना में 800 ग्राम वजन और 26 सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मे शिशु को जिला अस्पताल की एसएनसीयू टीम ने डेढ़ महीने की गहन देखभाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से पूरी तरह स्वस्थ किया। नि:शुल्क उपचार से पन्ना की स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता और मानव-समर्पण का उदाहरण सामने आया।
रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के तहत नवजात शिशुओं की देखभाल और किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास तथा यूनिसेफ के सहयोग से समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
















