सतना जिले में खाद संकट गहराने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। टोकन के बावजूद यूरिया नहीं मिलने पर किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने पुराने टोकनों का वितरण पूरा होने तक नए टोकन रोकने का फैसला लिया। खून से लिखी चिट्ठी और धरना-प्रदर्शन की तैयारी ने संकट को और गरमा दिया है।
सतना जिले में खाद की भारी किल्लत से किसान हलाकान हैं। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को केवल दो-दो बोरी खाद मिल रही है। नाराज किसानों ने मार्कफेड गोदाम के सामने खाद से लदे ट्रकों को रोककर हंगामा किया और सतना-चित्रकूट मार्ग बाधित कर दिया। पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन पर लापरवाही व किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया।
सतना में किसानों को खाद की किल्लत से राहत दिलाने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने 7 दिन में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी और कहा कि समस्या हल न होने पर वे सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही एफआईआर वापस लेने और जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्रता की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग भी की।
सतना और मैहर में खाद की किल्लत ने किसानों को परेशान कर दिया है। परसवाही में करीब एक हजार किसानों ने नेशनल हाईवे-30 जाम कर दिया। प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करते हुए सुबह 7 से 11 बजे तक टोकन और उसके बाद खाद वितरण की घोषणा की है। जिले में 1752 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध होने का दावा किया गया है, लेकिन किसानों को समय पर खाद न मिलने से आक्रोश बढ़ रहा है।
सतना जिले में प्रशासन के पर्याप्त यूरिया स्टॉक के दावों के बावजूद किसानों को खाद के लिए दिनभर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। रामनगर में हालात बिगड़ने पर पुलिस की मौजूदगी में यूरिया का वितरण किया गया। सरकारी गोदामों में भीड़ और निजी दुकानों पर महंगे दाम से किसान परेशान हैं।

















