सतना कृषि उपज मंडी में तिल, उड़द, तुअर और मूंग के भाव मजबूत रहे। किसानों को बेहतर कीमत मिली, जबकि दाल और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाने का संकेत दे रही हैं।
सतना कृषि उपज मंडी में एक लाइसेंसी तुलावटी ने प्रांगण प्रभारी पर पक्षपात, उत्पीड़न और प्रतिशोध के आरोप लगाए हैं। किसानों के हित में सुझाव देने के बाद बार-बार विवादित स्थान आवंटित किए जाने की शिकायत सामने आई।
सतना कृषि उपज मंडी में भीषण गर्मी के बीच किसान और हम्माल पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। करोड़ों का मंडी शुल्क वसूलने के बावजूद वाटर कूलर बंद हैं, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
सतना कृषि उपज मंडी में गेहूं एमएसपी से अधिक दाम पर बिक रहा, 2605 रुपये तक भाव पहुंचे, बेहतर भुगतान से किसान आकर्षित, उपार्जन केंद्रों में घट रही भीड़, बाजार में मांग बनी मजबूत
सतना कृषि उपज मंडी में महिला हम्मालों की बढ़ती संख्या और बिना लाइसेंस काम पर सवाल उठे हैं। नियमों के उल्लंघन और लाइसेंस नवीनीकरण में अनियमितता को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सतना मंडी में चना और मसूर की आवक बढ़ी, लेकिन एमएसपी पर खरीदी के आंकड़े सामने नहीं आए। कम कीमतों और स्लॉट की कमी से किसान परेशान, सिर्फ 5 प्रतिशत ही बेचने तैयार।
मंडी बोर्ड के सार्थक ऐप में लोकेशन छेड़छाड़ कर फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है। सतना, मैहर समेत छह जिले दागदार हुए, जबकि रीवा में सबसे ज्यादा कर्मचारी चिन्हित किए गए।
सतना कृषि उपज मंडी में पार्ट पेमेंट पर अनाज बाहर जाने का मामला, भुगतान देरी और मंडी व्यवस्था पर उठे सवाल।
सतना कृषि उपज मंडी में ई-मंडी योजना के नियमों की अनदेखी सामने आई है। तुलावटी की बजाय व्यापारी उनकी आईडी से तौल एंट्री कर रहे हैं, जिससे किसानों के हित प्रभावित होने की आशंका है।
सतना और मैहर की सब्जी मंडियों में नए आलू की भरमार है, लेकिन यह असल में प्री-मेच्योर फसल है जो उत्तर प्रदेश से लाई जा रही है। स्वाद में ठीक होने के बावजूद यह अपेक्षाकृत महंगा बिक रहा है, जबकि स्थानीय किसानों की फसल अभी बाजार में नहीं आई है।






















