महावीर जयंती पर विशेष आलेख: जानें भगवान महावीर के जीवन, तपस्या और अहिंसा-अपरिग्रह के सिद्धांतों के बारे में। कैसे उनके विचार आज के आधुनिक युग की समस्याओं का समाधान हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों और पुल का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय और सुगम मार्ग बनाने के दिए निर्देश।
बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के बाद EC का बड़ा एक्शन। दुष्मंत नारियाला नए मुख्य सचिव और सिद्धनाथ गुप्ता नए DGP बने। 23 और 29 अप्रैल को होगी वोटिंग
"28 जनवरी 2026 का विस्तृत पंचांग। जानें आज की तिथि, नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त। माघ शुक्ल दशमी के इस दिन क्या है विशेष, यहाँ पढ़ें पूरी जानकारी।"
जबलपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। जानें बंगाली समाज के सांस्कृतिक योगदान और सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी के 100 वर्षों के इतिहास के बारे में।
पूर्व सीजेआई ने कहा- फैसले के लिए उनके अपने समुदाय के लोगों ने ही उनकी बहुत आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन पर खुद आरक्षण का फायदा उठाकर सुप्रीम कोर्ट का जज बनने और फिर क्रीमी लेयर में आने वालों को बाहर करने की वकालत करने का आरोप लगाया गया।
दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक में लंबे समय से चली आ रही सत्ता की खींचतान अब सुलझती दिख रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच शनिवार को बेंगलुरु में अहम बैठक हुई। दोनों नेताओं ने सीएम आवास पर नाश्ते के साथ बैठक की।
कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होते ही मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर डीके शिवकुमार खेमा मुखर हो गया है। ढाई-ढाई साल के कथित फॉर्मूले पर शुरू हुई यह वर्चस्व की जंग अब कांग्रेस हाईकमान के पाले में है। आंतरिक कलह से शासन प्रभावित हो रहा है और बीजेपी 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपना रही है। जानिए क्या कांग्रेस के हाथ से निकल जाएगा यह बड़ा किला?
कर्नाटक की राजनीति में कैबिनेट विस्तार और नेतृत्व बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की है और सभी अटकलों को खारिज कर दिया है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाया और उसे मृत्युदंड एवं 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी एक निजी स्कूल में काम करता था। वो अपनी 25 साल की पत्नी के चरित्र पर शक करता था।






















