मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों और पुल का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय और सुगम मार्ग बनाने के दिए निर्देश।
By: Ajay Tiwari
Mar 26, 20266:43 PM
उज्जैन. स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 की पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तटों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य निर्माणाधीन नए घाटों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन घाटों का निर्माण इस तरह किया जाए कि लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालु सुगमता से स्नान कर सकें और उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवनिर्मित घाटों के प्रत्येक 200 मीटर के दायरे में वस्त्र बदलने के कक्ष (चेंजिंग रूम) और आधुनिक शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, प्रमुख घाटों पर भी उचित दूरी पर 'सुविधा घर' विकसित करने को कहा गया है। घाटों तक पहुँच को आसान बनाने के लिए डॉ. यादव ने हर 500 मीटर पर सीढ़ियाँ या सुगम पहुँच मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भीड़ के समय आवाजाही बाधित न हो।
वैकल्पिक मार्ग होंगे नए पुल
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच बन रहे नए पुल का भी निरीक्षण किया। यह पुल न केवल दो प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग भी साबित होगा। घाटों की डिजाइन पर चर्चा करते हुए बताया गया कि यहाँ 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जा रहे हैं, जहाँ श्रद्धालु न केवल स्नान कर सकेंगे बल्कि उनके बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने इन घाटों पर बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ सौंदर्यकरण और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।