अयोध्या में रामनवमी पर आज यानी शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया। नौ मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह दूसरा सूर्य तिलक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने टीवी पर इसे लाइव देखा। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया।
रामनगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणों से रामलला का अभिषेक किया जाएगा। इससे पहले रामनगरी में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पहली बार अयोध्या के भव्य राम मंदिर पहुंचे। जानें उन्होंने धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और ईरान-इजराइल युद्ध पर क्या कहा, और भाजपा ने क्या पलटवार किया।
भगवान राम की नगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर के परकोटा में स्थित पूरक मंदिरों के शिखरों पर ध्वजारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में मणिराम दास छावनी में आयोजित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में विस्तृत रूपरेखा तय की गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं। उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।
होली 2026 के लिए जबलपुर से अयोध्या, दिल्ली और दानापुर के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा। जानें समय-सारणी, रूट और बुकिंग की पूरी जानकारी। साथ ही पढ़ें मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें।
उत्तरप्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की शनिवार को दूसरे दिन की बैठक राम जन्मभूमि परिसर में हुई। बैठक में राम कथा संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक से पहले मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कई अहम जानकारियां साझा कीं।
आज 22 जनवारी-2026 को अयोध्या में आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक बने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। ऐतिहासिक अनुष्ठान के साथ जिस स्वप्न ने साकार रूप लिया था, वह आज पूर्ण भव्यता के साथ देश-दुनिया के सामने खड़ा है।
राम नगरी अयोध्या को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। वाल्मीकि रामायण की 233 वर्ष पुरानी दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपि को राम कथा म्यूजियम को भेंट किया गया है। 1792 ई. की यह अमूल्य धरोहर अब शोधार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए सुलभ होगी।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या की पावन धरती पर बने भव्य राम मंदिर की रौनक दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अयोध्या में अब जल्द ही रामायण से जुड़े हर पात्र के दर्शन श्रद्धालुओं को आसानी से हो सकेंगे। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।






















