मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता आशा के आठ महीने के शावक की मौत हो गई है। वन विभाग पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत बड़ी खुशखबरी! मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है।
मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बीते 21 दिनों से लापता दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता निर्वा को आखिरकार वन्यजीव निगरानी टीम ने सुरक्षित खोज निकाला है। रेडियो कॉलर के सिग्नल बंद होने के कारण मानसून के घने जंगलों में उसकी लोकेशन ट्रेस करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
दक्षिण अफ्रीका से आठ और चीते मध्यप्रदेश लाने की तैयारी चल रही है। सभी चीतों को श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। चीतों को लाने की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य भारत में चीतों की घटती आबादी को फिर से बढ़ाना है। प्रोजेक्ट चीता के तहत 2022 से अब तक कई चीते भारत लाए जा चुके हैं।
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापन परियोजना को एक और बड़ा झटका लगा है। 27 महीने की भारतीय-जनित मादा चीता केजीपी-11 की उपचार के दौरान मौत हो गई। चीता प्रोजेक्ट की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस नोट में इसकी पुष्टि की गई है।
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस माह के तीसरे सप्ताह मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान कूनो नेशनल पार्क की यात्री भी शामिल हैं जिसके तहत राष्ट्रपति 21 जून को कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी और रात्रि विश्राम कर अगले दिन 22 जून को कूनो में विजिट करेंगी।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कई बार पत्र लिखने के बावजूद एक भी शेर नहीं दिया। मध्यप्रदेश को 11 साल से लटकाए रखा। वहीं अब मध्यप्रदेश में पुनर्वासित अफ्रीकी चीते गुजरात के जंगलों की नई पहचान बनने जा रहे हैं। अफ्रीका से भारत लाए जाने के बाद यह पहला मौका होगा, जब चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग की जाएगी।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता ज्वला के चार शावकों की मौत हो गई है। शावकों के शव आधे खाए हुए मिले हैं, जिससे शिकारियों के हमले की आशंका जताई जा रही है।
कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से 8 नए चीते आ रहे हैं। शनिवार सुबह सीएम मोहन यादव इन चीतों को बाड़े में रिलीज करेंगे।
मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में उत्सव की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका से आई चीता गामिनी दूसरी बार मां बनी है। मादा चीता ने तीन नए शावकों को जन्म दिया है। दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कूनो में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह खुशी भरा आगमन भारतीय धरती पर चीतों के नौवें सफल प्रसव का प्रतीक है।






















